जौरा : मनीराम ने हाथी से उतर की साइकिल की सवारी

जौरा : चुनावी मौसम में लगातार एक पार्टी से दूसरी पार्टी में नेताओं का आना जाना लगा हुआ है । टिकट न मिलने के बाद नेता अपने आप को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं । कुछ नेता टिकट न मिलने के बाद कोप भवन में चले गए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ बगावत करके दूसरे दलों में जाकर टिकट ला रहे हैं और चुनावी मैदान में उतर चुके हैं । बात मुरैना जिले की जौरा विधानसभा सीट की है , यहां भारतीय जनता पार्टी ने सिटिंग एमएलए सूबेदार सिंह सिकरवार को अपना प्रत्याशी बनाया है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने उपचुनाव 2020 में प्रत्याशी रहे पंकज उपाध्याय पर भरोसा जताया है । बहुजन समाज पार्टी का जौरा विधानसभा में वोट बैंक अच्छा है और बहुजन समाज पार्टी ने यहां पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह को टिकट दिया है , सोनेराम कुशवाह उपचुनाव में भी प्रत्याशी थे लेकिन वे चुनाव हार गए। 2023 में बहुजन समाज पार्टी से मनीराम धाकड़ भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे थे, मनीराम धाकड़ 2008 में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर जौरा विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं लेकिन 2013 में भाजपा के सूबेदार सिंह सिकरवार से चुनाव हार गए थे । वे ग्वालियर चंबलांचल में बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता थे लगातार पार्टी के बड़े कार्यक्रमों में हिस्सा तो लेते ही थे साथ ही बहुजन समाज पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे थे लेकिन लगातार पार्टी उनकी अपेक्षा करती रही, नाराज मनीराम धाकड़ ने बीते दिन प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखते हुए पार्टी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और समाजवादी पार्टी से टिकट भी ले आए ।हालांकि समाजवादी पार्टी ने जौरा विधानसभा सीट से रीना कुशवाह को पहले ही टिकट दे दिया था लेकिन अब मनीराम धाकड़ के आने से उन्होंने टिकट बदलकर मनीराम धाकड़ को अपना प्रत्याशी बनाया है । जौरा विधानसभा क्षेत्र में धाकड़ समाज का वोट बैंक भी अच्छा है । धाकड़ समाज का वोट शिवराज सिंह चौहान के नाम पर भारतीय जनता पार्टी को जाता रहा है लेकिन अब वह समीकरण नहीं रहे । वहीं धाकड़ समाज से भगवती धाकड़ आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं । अब देखना होगा कि मनीराम धाकड़ के चुनावी मैदान में आने से बसपा को नुकसान होता है या फिर भाजपा को क्योंकि जातिगत समीकरण में मनीराम धाकड़ हार जीत का गणित बदल सकते हैं ।

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