मणिपुर में NPP के समर्थन वापसी से बीरेन सरकार पर संकट! क्या है विधानसभा में नंबर गेम?
हिंसा से प्रभावित मणिपुर की ताजा स्थिति को देखते हुए नेशनल पीपुल्स पार्टी ने बीरेन सिंह सरकार से समर्थन अपना समर्थन वापस ले लिया है. NPP ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में मणिपुर में स्थिति और बिगड़ गई है. कई निर्दोष लोगों की जान गई है. बीरेन सरकार स्थिति को कंट्रोल करने में विफल रही है. तो क्या सीएम एन बीरेन सिंह की कुर्सी खतरे में हैं? जानिए क्या है विधानसभा में नंबर गेम?

मणिपुर में इस वक्त हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. वैसे तो यह राज्य पिछले एक साल से अधिक समय से हिंसा से प्रभावित है. मगर ताजा हालातों ने एक बार फिर बीरेन सरकार की टेंशन बढ़ा दी है. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) ने बीरेन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या एनपीपी के समर्थन वापसी से मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की कुर्सी चली जाएगी? क्या है विधानसभा में नंबर गेम?
NPP ने वापस लिया समर्थन
मणिपुर की ताजा स्थिति को देखते हुए नेशनल पीपुल्स पार्टी ने मणिपुर की भाजपा नीत सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. एनपीपी ने कहा है कि बीरेन सरकार हिंसा से प्रभावित मणिपुर में स्थिति को सामान्य करने में पूरी तरह से नाकाम रही है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखे पत्र में एनपीपी ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में मणिपुर में स्थिति और बिगड़ गई है. कई निर्दोष लोगों की जान गई है.
क्या है विधानसभा में नंबर गेम?
मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी के सात विधायक हैं. हालांकि, एनपीपी के समर्थन वापसी से बीरेन सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि एनडीए के कुल विधायकों की संख्या 53 है. इनमें बीजेपी के विधायकों की संख्या 37 है जबकि नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के पांच और जेडीयू के एक और निर्दलीय तीन विधायकों का समर्थन प्राप्त है. वहीं, दूसरी तरफ विपक्षी दलों में कांग्रेस के पांच और केपीए के दो विधायक हैं. इससे पहले कुकी पीपुल्स पार्टी (KPA) ने जातीय हिंसा के मद्देनजर राज्य की NDA सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.

Subscribe to my channel



