भाजपा सरकार किसके वादे पूरे करे, जनता या नेताओं के

मध्यप्रदेश में 2018 में भारतीय जनता पार्टी सत्ता से बाहर क्या हुई,उसकी छटपटाहट देखते ही बन रही थी । भले ही चंद सीटों से सत्ता के मुहाने से वापिस लौटी भाजपा ने भले ही लोभ लालच देकर अन्य दलों या निर्दलीयों को अपने पाले में लेकर सरकार नहीं बनाई हो लेकिन कांग्रेस से नाराज चल रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य नेताओं से संवाद नहीं छोड़ा और अन्ततः 15 महीने बाद बड़े फेरबदल से सत्ता हासिल कर ही ली । सूबे में चौथी बार सरकार में लौटी भारतीय जनता पार्टी सिंधिया और उनके समर्थकों के आने से मजबूत तो नहीं हुई बल्कि मजबूर हो गई । एक – एक करके उनके वादे पूरे करती रही । उसके बाद कुछ अन्य विधायक भी स्वेच्छा से भाजपा में शामिल हो गए थे । अभी हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा उपचुनाव में जोबट विधानसभा क्षेत्र में शायद भाजपा के पास जिताऊ उम्मीदवार नहीं था इसलिए उन्होंने कांग्रेस में सेंधमारी कर सुलोचना रावत को भाजपा में न केवल शामिल कराया बल्कि टिकिट भी दिया और सुलोचना रावत ने जीत भी हासिल कर ली ,लेकिन वादे के मुताबिक अब सुलोचना रावत मंत्री पद मांग रही हैं । इस मामले पर अग्निबाण समाचार के संपादक रविन्द्र जैन ने अपने कहासुनी कॉलम में लिखा है कि
जोबट विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की टिकट पर जीतकर आईं सुलोचना रावत अब दल बदल का इनाम मंत्री बनकर लेना चाहती हैं। उपचुनाव से पहले सुलोचना रावत ने अचानक कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इस दल बदल के तत्काल बाद सुलोचना रावत के बेटे विशाल रावत का ऑडियो जारी हुआ था कि वे इस शर्त पर भाजपा में जा रहे हैं कि चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। अब खबर आ रही है कि सुलोचना रावत और उनका परिवार भाजपा नेतृत्व से दल बदल का इनाम शीघ्र देने यानि तत्काल मंत्री बनाने की मांग कर रहा है। यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सुलोचना रावत की नजर प्रदेश के महिला बाल विकास मंत्रालय पर है। कांग्रेस से भाजपा में आईं इमरती देवी इस विभाग की मंत्री थीं। उपचुनाव हारने के बाद यह विभाग उनके हाथ से फिसल गया था।

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