राजनीति : क्या से क्या हो गए देखते – देखते….

इंजी. वीरबल सिंह
समय जब करवट बदलता है तो फिर इंसान से वो क्या – क्या नहीं करवाता है । आज की यह तस्वीर न केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है बल्कि मीडिया की सुर्खियां भी बन गई है । यह तस्वीर भोपाल के मिंटो हॉल में चल रही भारतीय जनता पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक का है । इस तस्वीर में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं, शायद उनका अभिवादन कर रहे हैं और दाएं- वाएँ मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल इस दृश्य को देख रहे हैं । सम्मान लेना और देना हमारी भारतीय संस्कृति को दर्शाता है और यही इस तस्वीर में दिखाई दे रहा है ।
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया बीते साल ही भारतीय जनता पार्टी में किस प्रकार से और किन शर्तों पर शामिल हुए ये आज की राजनीति का पूरा दृश्य बताता है । एक समय था जब प्रभात झा सिंधिया को भूमाफिया बताते थे और झा की गिनती महल विरोधी नेताओं में होती थी । सिंधिया भाजपा में किस तरह से घुल मिल गए हैं इसको लेकर खुद कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से कहा था कि सिंधिया भाजपा में मिश्री की तरह घुल गए हैं । पसिंधिया भाजपा में शामिल होने के बाद अपने पूर्व विरोधियों के घर गए सिवाय प्रभात झा के, लेकिन जब सिंधिया का सामना झा से हुआ तो हाथ जोड़े खड़े प्रभात झा के मन में यही ख्याल आया होगा कि क्या से क्या हो गए देखते – देखते….
आपको बता दें कि प्रभात झा कभी पार्टी का केंद्र हुआ करते थे लेकिन अब वे किनारे भी दिखाई नहीं देते हैं । प्रभात झा कोटे की राज्यसभा सीट को पार्टी ने सिंधिया को देकर उन्हें केंद्र की राजनीति का केंद्र बना दिया तो जिस शहर में प्रभात झा निवास करते हैं उसी शहर में सिंधिया के जयविलास पैलेस को पॉलिटिक्स का पावर सेंटर बना दिया । सिंधिया विरोधी बनकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी राजनीतिक बिसात बिछाकर तैयार करने वाले प्रभात झा और जयभान सिंह पवैया अब सिंधिया और उनके समर्थकों के कारण पार्टी में हाशिए पर आ गए हैं या राजनीति की भाषा में कहा जाए तो इन नेताओं का राजनैतिक भविष्य चौपट हो गया ।
इस फोटो में मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रभात झा सिंधिया के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं। वहीं दो अन्य भाजपाई नेता जयभान सिंह पवैया और प्रहलाद पटेल उन्हें देख रहे हैं। शायद नेताद्वय जयभान सिंह पवैया और प्रह्लाद पटेल सोच रहे हैं कि प्रभात झा ने सिंधिया को सबसे बड़ा भूमाफिया बताते हुए उन पर सरकारी ज़मीन हड़पने के वर्षों तक आरोप लगाए। पार्टी की सत्तालोलुपता के कारण बेचारे प्रभात झा को आज उनके सामने हाथ जोडे खड़ा होना पड़ रहा है।

Subscribe to my channel



