जनसेवा के बाद अब राजनीति में भाग्य आजमाना चाहती हैं सलोनी सिंह

पोहरी : मध्यप्रदेश में आम विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, हर तरफ चुनाव की ही चर्चा है और राजनेताओं से लेकर पार्टी तक चुनावी तैयारियों में व्यस्त हैं । पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भी गांव गली और चौपालों पर राजनीति की चर्चा आम है और खास चर्चा है तो विभिन्न दलों से आने वाले उम्मीदवारों की । हर कोई अपना अपना राजनीतिक गुणा भाग लगा रहा है और अपने अनुभवों के आधार पर प्रत्याशी भी बता रहा है लेकिन आज के राजनीतिक परिदृश्य के अनुसार यदि पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रत्याशी की बात की जाए तो स्वच्छ , निर्विवाद और सक्रिय चेहरे के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेत्री डॉ सलोनी सिंह धाकड़ का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। कहने को भले ही पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का सिटिंग एमएलए है लेकिन सिटिंग एमएलए के प्रति एंटी इनकंबेसी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है और 2023 में पुनः सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाना चाहती है । इसके अलावा पूर्व विधायक भी टिकट के लिए प्रयासरत हैं लेकिन बताया जा रहा है कि पूर्व में मात खा चुके पूर्व विधायकों पर पार्टी भरोसा जताने में हिचकिचा रही है, ऐसे में पार्टी को एक नए चेहरे की तलाश है और इस तलाश की पूर्ति पार्टी डॉ सलोनी सिंह धाकड़ के नाम के रूप में पूरा कर सकती है ।
आपको बता दें कि करीब दो दशक पूर्व पोहरी विधानसभा क्षेत्र में जनसेवा के प्रकल्पों के माध्यम से चर्चा में आई सलोनी सिंह धाकड़ आज क्षेत्र में लोकप्रियता के मामले में शिखर पर हैं , क्षेत्र में हर वर्ग, जाति और धर्म के लोग सलोनी सिंह के नाम से खासे परिचित हैं । वे लगातार फ्री मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की सेवा करने का काम कर रही हैं और यही कारण है कि लोकप्रियता हासिल कर चुकी सलोनी सिंह को क्षेत्र की जनता अब अपना जनप्रतिनिधि के तौर पर देखने को लालयित है , यही नहीं महाराज भाजपा और नाराज भाजपा सही मूल भाजपाई भी सलोनी सिंह के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में पार्टी सलोनी सिंह पर भरोसा जताती है या फिर सिटिंग एमएलए को मैदान में उतारकर रिस्क लेगी लेकिन सलोनी सिंह भी जनसेवा के बाद राजनीति में अपना भाग्य आजमाना चाहती हैं और इसके लिए वे प्रयासरत भी हैं ।

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