मुरैना : नीटू भाजपा के लिए चुनौती तो कांग्रेस के लिए संजीवनी .?

देर से ही सही लेकिन आखिरकार कांग्रेस ने मध्यप्रदेश की तीन लोकसभा सीटों मुरैना, ग्वालियर और खंडवा से अपने उम्मीदवारों का एलान कर दिया है। ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक , खंडवा से नरेंद्र पटेल तो वहीं मुरैना लोकसभा सीट से पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार उर्फ नीटू को अपना उम्मीदवार बनाया है। लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि कांग्रेस नीटू सिकरवार को अपना उम्मीदवार बना सकती है लेकिन इससे पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने शिवमंगल सिंह तोमर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था लिहाजा कांग्रेस कश्मकस में थी कि नीटू को उम्मीदवार बनाने से क्षत्रिय बनाम क्षत्रिय मुकाबला हो जायेगा जबकि नीटू सिकरवार जिताऊ उम्मीदवार के तौर पर सामने आ रहे थे,इसके बाद दूसरा नाम जो मुरैना श्योपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में सामने आ रहा था वह जौरा विधायक पंकज उपाध्याय का नाम था लेकिन आखिरकार भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार पर दांव लगा दिया है। अब लोकसभा चुनाव में नीटू भाजपा के लिए चुनौती तो कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हो सकते हैं क्योंकि भाजपा इस बार 29 की 29 सीट पर जीत हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कौन है नीटू सिकरवार ?
कांग्रेस से घोषित उम्मीदवार नीटू सिकरवार मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रहे हैं और इससे पूर्व वे जिला पंचायत अध्यक्ष थे । जिले के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नीटू के पिता गजराज सिंह दो बार विधायक रहे हैं तो वहीं चाचा वृंदावन सिंह जिला पंचायत उपाध्यक्ष, बड़े भाई डॉ सतीश सिंह सिकरवार और भाभी डॉ शोभा सतीश सिंह सिकरवार लंबे समय तक भाजपा की ओर से ग्वालियर नगर निगम में पार्षद भी रहे हैं। 2018 में भाजपा के टिकिट पर ग्वालियर पूर्व विधानसभा चुनाव हार जाने के बाद सतीश ने 2020 में उपचुनाव में कांग्रेस ज्वाइन कर ली और तभी से विधायक हैं। भाभी डॉ शोभा सिकरवार कांग्रेस की ओर से ग्वालियर महापौर हैं और अब नीटू सिकरवार लोकसभा लड़ने जा रहे हैं। सिकरवार परिवार का न केवल ग्वालियर बल्कि मुरैना की जौरा और सुमावली विधानसभा में खासा प्रभाव है ।

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