जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम में आदिवासी प्रतिभाओं की अनदेखी
जनजाति गौरव दिवस-बिरसा मुंडा जयंती पर जम्बूरी मैदान में, पंडित कैलाश खेर 25 लाख₹ लेकर गाना गाकर आदिवासियों को रिझाएंगे

आरटीआई कार्यकर्ता डॉ आनन्द राय ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित होने वाले जनजाति गौरव दिवस पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि जनता के पैसों पर राजनीतिक आयोजन क्यों, आखिर समारोह में भाजपा आरएसएस से जुड़े लोगों को ही क्यो अतिथि बनाया, आदिवासी अधिकारों के लिए दशकों से संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओ Activist को बुलावा Invitationनही भेजा गया,जनजाति गौरव दिवस-बिरसा मुंडा जयंती पर जम्बूरी मैदान में, पंडित कैलाश खेर 25 लाख₹ लेकर गाना गाकर आदिवासियों को रिझाएंगे, जबकि इस मौके पर आदिवासी फोक सिंगर अर्जुन आर मेढ़ा, विक्रम चौहान या किंजल दवे को बुलाना था, आदिवासी लोक गायक धरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती पर समा बांध सकते थे वह भी निशुल्क, इस आयोजन पर आम जनता के टैक्स के पैसों से करीब 10 करोड़ खर्च किये जायेंगे, ताकि 2023 में 22% आदिवासी वोट को अपने पाले में किया जा सके।
सभी कलेक्टर्स,पंचायत सचिव/मंत्री को आदिवासी महिला स्व सहायता समूह को बसों में भरकर 1 रात पहले साँची, सिहोर में भेजा जाएगा वहाँ से 15 नवम्बर की सुबह सभी को जम्बूरी मैदान ले जाया जाएगा, बसों की व्यवस्था RTO करेंगे,यह टोल फ्री होंगी।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि नेमावर, नीमच, खैरकुंडी,मन्धाता, रतलाम, मानपुर, शाहगंज की घटनाओं पर सरकार को त्वरित कार्यवाही कर, जयस कार्यकर्ताओ पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने होंगे नही तो ऐसे आयोजनों से आपके वोट में 1% भी बढोत्तरी नही होगी।

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