बीमार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने के लिये अधिकारी प्राथमिकता दें – डॉ. अनुराग चौधरी

प्रदेश सरकार लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिये भरसक प्रयास कर रही है कि लोग अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड का लाभ उठायें और गंभीर बीमारी से बचने के लिये 5 लाख रूपये तक का निःशुल्क ईलाज करायें। यह बात डायरेक्टर हेल्थ सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान डॉ. अनुराग चौधरी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक के दौरान कही। इस अवसर पर कलेक्टर श्री बी.कार्तिकेयन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े समस्त जिला एवं ब्लॉक मेडीकल ऑफीसर तथा जनपद सीईओ उपस्थित थे।
डायरेक्टर हेल्थ सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी आयुष्मान डॉ. अनुराग चौधरी ने कहा कि मुरैना जिले में 10 लाख 18 हजार 778 आयुष्मान कार्ड बनाये जाने थे, जिनमें से मात्र 5 लाख 14 हजार 3 आयुष्मान कार्ड बनाये गये है। यह कार्ड लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुये बहुत कम संख्या में है। आयुष्मान कार्ड वर्ष 2011 की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बनाये जाना है। इसके लिये समस्त जिलाधिकारी यह प्रयास करें कि आयुष्मान कार्ड लोगों को अवश्य मिले। डॉ. चौधरी ने कहा कि आयुष्मान कार्ड सबसे पहले उस व्यक्ति को बनाकर दिया जाये, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित है, जैसे- कैंसर, किड़नी आदि बीमारियों के लिये बहुत जरूरी है। जिसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है और वह पात्रता रखता है, वह व्यक्ति ीवेचपजंसेण्चउरंलण्हवअण्पद पर लॉगिन करके आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनपद सीईओ यह सुनिश्चित करें कि बीमार व्यक्ति कार्ड बनवाने की इच्छा रखता है, किंतु वह पात्रता की श्रेणी में नहीं आता है। उस व्यक्ति का 12 रूपये का बीमा अवश्य करा दें। मानवीय दृष्णकोण अपनायें, लोगों की सेवा भाव से काम करें। उन्होंने कहा कि जिले में अधिकतर सीएम हेल्पलाइन इन्हीं सब बिन्दुओं पर लगायी जाती है, कार्य में तेजी लायेंगे तो अवश्य सीएम हेल्पलाइनों की संख्या कम होने लगेगी। डॉ. चौधरी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करें, गर्भ के तीन माह के बाद उन्हें पैसा देने की प्रोसेस प्रारंभ करें, जिससे प्रसव के समय तक उन्हें 14 हजार रूपये की राशि समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत है, उनको यह जिम्मेदारी सौंपे कि अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करें और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को चिन्हित करें। उन्होंने कहा कि जिले में पिछले वर्ष 26 हजार 733 लोग भर्ती हुये है, उसमें से मात्र 352 लोगों ने आयुष्मान कार्ड का लाभ लिया है। जिले में लगभग 22 लाख जनसंख्या में से 18 व्यक्ति कैंसर के पाये गये है। लोगों को प्रचार-प्रसार करें, जिस किसी क्षेत्र में कैंसर के मरीज पाये जाते है और वहां की एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने जानकारी निरंक दी है। कैंसर के मरीजों की जानकारी दूसरा व्यक्ति आकर बताता है तो उसे 500 रूपये का ईनाम दिया जाये। यह राशि उस संबंधित एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के वेतन से काटकर दी जाये। उन्होंने कहा कि अम्बाह में 8, जौरा में 1, मुरैना में 3, पोरसा में 5, सबलगढ़ में 1 मरीज कैंसर के स्लाइड में बताये गये है। डॉ. चौधरी ने कहा कि जिले में लगभग 100 वाहन फील्ड में भ्रमण करते हैं, उन अधिकारियों को लोगों के संपर्क में आने से ऐसे लोगों को चिन्हित करें और उन्हें आयुष्मान कार्ड से लाभ उठाने की सलाह दें।
उन्होंने कहा कि जिले के समस्त बीएमओ ने अधीनस्थ कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की होगी, उनके प्रस्ताव जिले को भेजे और टीएल में कलेक्टर को भी बतायें।
डॉ. चौधरी ने कहा कि डेंगू मरीज के वार्ड में सातो दिन के लिये अलग-अलग रंग के चादरें उपयोग की जाती है। इस प्रकार के उस वार्ड के आसपास फ्लैक्स बैनर लगवाये जायें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी अपने पास एक-एक रजिस्टर रखें, उसमें प्रतिदिन का लेखा-जोखा अवश्य रखें। किन-किन लोगों से कहां-कहां बात की है। उसकी जानकारी रजिस्टर में संधारित की जाये। फिजूल भ्रमण कर शासन का पीओएल व्यर्थ में न गमायें। फील्ड में जाते समय उस क्षेत्र की एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं मैदानी कार्यकर्ताओं के मोबाइल नंबर रखें, उनसे संपर्क करें। ऐसा न हो कि वे फील्ड का बाहना लेकर फील्ड में नहीं निकल रहीं हो।

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