ओबीसी का कॉलम जोड़कर ओबीसी वर्ग की जाति जनगणना कराने सौंपा ज्ञापन

शिवपुरी : आज शिवपुरी में ओबीसी महासभा के युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर गिर्राज सिंह धाकड़ दुल्हारा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य 2021 में होने वाली जनगणना में जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम जोड़कर ओबीसी वर्ग की जाति जनगणना कराने एवं ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने एवं एम.पी, पी.एस.सी. में होने वाली नियुक्तियों में संवैधानिक तरीके से ओबीसी को 27
प्रतिशत आरक्षण दिया जाकर के एवं इन्टरव्यू में बैठने वाले पेनल में ओबीसी वर्ग के अधिकारियों को शामिल किया जावे ।
ज्ञापन में मांग की है कि संविधान में सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े हुये समुदायों को अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में तीन वर्ग बनायें गये हैं । जनगणना में इर्ग तीनों वर्गों की दशाओं के आंकड़ें एकव्रित किये जाने चाहिये । लेकिन अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाणि वर्ग किन्तु अन्य पिछड़ा वर्ग की जनगणना नहीं होती हैं । क्योंकि 2021 के जनगणना फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम नहीं है | ओबीसी महासभा के द्वारा लम्बे समय से प्रतिमाह ज्ञापन देकर जनगणना 202। के फॉर्मेट में ओबीसी का कॉलम बनवाने शासन प्रशासन से निवेदन किया जाता रहा है, लेकिन पूर्व की भांति इस बार भी जनगणना फर्मिट में अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी का कॉलम नहीं है । फलस्वरूप ओबीसी वर्ग की
जनसंख्या तथा उसकी परिस्थितियों का आंकलन नहीं हो पायेगा । फलतः ओबीसी वर्ग के विकास करने की संवैधानिक प्रतिबद्धता फिर अपूर्ण रह जायेगी ।
ज्ञापन में लिखा है कि ओबीसी महासभा द्वारा दि 29.11..2021को सिविक सेंटर जबलपुर में संवैधानिक मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस आरक्षकों और पुलिस अधिकारियों द्वारा महिलाओं एवं छात्राओं के साथ की गई अश्लीलता तथा गाली गलौज एवं मारपीट कीनिष्पक्ष जाँच करवाकर दोषियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया जावे तथा दोषी कर्मियों को तत्काल निलम्बित कर उनके विरूद्ध सूक्ष्म जाँच कर उनकी सेवायें जनहित में समाप्त की जावे । एम.पी. पी.एस.सी. में होने वाली नियुक्तियों में संवैधानिक तरीके से ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाकर के इन्टरव्यू में बैठने वाले पैनल में भी ओबीसी वर्ग के अधिकारियों को नियुक्त कर शामिल किया जावे | एम,पी. पी.एस.सी. 2019 मेन्स और 2020 प्री के रूके हुये रिजल्ट ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ घोषित किया जावे । केन्द्र सरकार की भांति नींट में 27 प्रतिशत आरक्षण के समक्ष मप्र, में भी ओबीसी को भी 27% प्रतिशत आरक्षण दिया जावे । आपके द्वारा मप्र. में नीट में 14 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना संवैधानिक नहीं है । साक्षात्कार प्रणाली में जातिगत आधार पर किये जाने वाले भेदभाव को समाप्त किया जाए । इस मौके पर ओबीसी वर्ग के विभिन्न जातियों के लोगों के साथ ही ओबीसी महासभा के तमाम पदाधिकारी भी उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष ज्ञापन सौंपा और ज्ञापन में ओबीसी वर्ग की जनगणना के लिए कलम बढ़ाए जाने की मांग रखी ।

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