तो कांग्रेस विधायक ने इसलिए छुए थे मंच पर सिंधिया के पैर…

( इंजी. वीरबल सिंह )
ग्वालियर : राजनीति का केंद्र रहा ग्वालियर हमेशा ही सुर्खियों में रहता है कभी सत्ता में हिस्सेदारी तो कभी किंग मेकर की भूमिका में । अभी हाल ही में हुए दो सियासी घटनाक्रमों ने राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी हैं । पहली तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करने को लेकर कांग्रेस ने सिंधिया को निशाने पर लिया है तो मीडिया ने इसे सिंधिया परिवार के इतिहास को बदलने की बात कही है । वहीं दूसरी घटना भी ज्योतिरादित्य सिंधिया से ही संबंधित हैं, ग्वालियर में एक कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर पूर्व से कांग्रेस विधायक दो6सतीश सिंह सिकरवार ने मंच पर चढ़ते ही ज्योतिरादित्य सिंधिया के पैर क्या छुए राजनीतिक माहौल अबाक रह गया, इस दृश्य को देखकर तरह तरह कयास राजनैतिक जनकारों और पत्रकारों की ओर से लगाये जाने लगे कि आखिरकार कांग्रेस विधायक ने सिंधिया के पैर छूना और मंच सिंधिया को महाराज कहकर संबोधित कर प्रसंशा करना आम बात तो नहीं हो सकती, कुछ तो खास है । हालांकि सतीश अभी कांग्रेस में है इससे पूर्व वे भाजपा में थे जब सिंधिया कांग्रेस में थे ।
कांग्रेस विधायक का सिंधिया के पैर छूने का कारण उनके संस्कार हैं । विधायक सतीश का परिवार लंबे समय से राजनीति में हैं, पिता गजराज सिंह सुमावली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक रहे हैं और छोटे भाई सत्यपाल सिंह भी मुरैना जिला पंचायत अध्यक्ष और सुमावली से विधायक रहे हैं, इतना ही नहीं खुद सतीश और उनकी धर्मपत्नी लंबे समय से नगर निगम ग्वालियर में पार्षद रहे हैं । 2018 के आम चुनाव में भाजपा के टिकिट पर सतीश चुनाव हार गए थे और उसके बाद हुए उपचुनाव से कांग्रेस की ओर से विधायक बनने में सफलता हासिल की । राजनीति में विनम्र और सादगी ही है जो सफल बनाती है और इसी भाव से सतीश ने सिंधिया के पैर छुए ।
सतीश सिकरवार द्वारा सिंधिया के पैर छूने को राजनीतिक गलियारों में चर्चा मिली है कि वे पत्नी को ग्वालियर नगर निगम महापौर बनता देखना चाहते हैं लिहाजा वे कांग्रेस की ओर हरी झंडी न मिलने पर एक बार फिर घर वापिसी कर सकते हैं और यह सब सम्भव हो पाएगा ज्योतिरादित्य सिंधिया के आशीर्वाद से , क्योंकि ग्वालियर पूर्व से भाजपा की ओर से सिंधिया समर्थक नेता मुन्नालाल गोयल को निगम मण्डल में भेजकर 2023 की दावेदारी से बाहर कर दिया , पूर्व मंत्री माया सिंह जिनके पैर भी मंच पर सतीश ने छुए थे,को भाजपा पहले ही बाहर कर चुकी है । हालांकि भाजपा की राजनीति में हाशिए पर चल रहे पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा अपने राजनैतिक अस्तित्व को कायम रखने के लिए महाराज की चरण वंदना करते सार्वजनिक मंचों पर बीते दिनों देखे गए । ग्वालियर पूर्व जितने के लिए भाजपा डॉ सतीश सिंह की घर वापिसी भी करा लें तो चौंकाने वाली बात नहीं होगी क्योंकि राजनीति अवसरवादी ही होती है और क्या पता सतीश खुद यही चाहते हों ।

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