नगर निगम और JAH आमने सामने, 96 लाख की जगह ढाई करोड़ दिखा जारी किया कुर्की वारंट

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज से संबंधित रोग अस्पताल के प्रशासन के बीच में तहलका मच गया जब नगर निगम प्रशासन की ओर से उन्हें जल कर के रूप में ढाई करोड़ रुपए बकाया दिखाकर कुर्की का नोटिस जारी कर दिया गया । लेकिन अस्पताल के अधीक्षक डॉ आर के एस धाकड़ की सूझबूझ के चलते जल कर के रूप में बकाया राशि का जब कैलकुलेशन किया गया तो नगर निगम की बकाया राशि के रूप में ढाई करोड़ नहीं बल्कि 96 लाख रुपए सामने आया । निगम ने अपनी गलत गणना के चलते इतनी अधिक राशि अस्पताल प्रबंधन को दिखाकर कुर्की का वारंट जारी कर दिया ।
अब जलकर बकाया राशि को लेकर नगर निगम द्वारा जेएएच को थमाए गए कुर्की नोटिस मामले में नया मोड आ गया है। नगर निगम ने नोटिस देते हुए जयारोग्य अस्पताल पर जल कर का दो करोड़ 57 लाख 63 हजार 36 रुपये का बकाया होने का दावा किया था। इस नोटिस के बाद जब अस्पताल प्रबंधन ने अपने दस्तावेज निकाले तो निगम का दावा ही झूठा निकला । जयारोग्य अस्पताल पर ढ़ाई करोड़ नहीं बल्कि 96 लाख रुपए जलकर के बकाया निकले । यह बकाया भी हालही में फरवरी माह में मिले बिल के है। इस बिल को जमा किए जाने के लिए प्रबंधन द्वारा शासन के निर्देशानुसार स्वशासी समीति द्वारा जमा कराया जा रहा है । वहीं इस पूरे मामले में अब नगर निगम द्वारा बकाया राशि की गणना को लेकर सवाल खड़े हो गए है।
आयुक्त को अधीक्षक का पत्र बोले – गणना सही नहीं
जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ.आर. के. एस. धाकड़ ने पूरी पड़ताल के बाद अब नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल को जलकर भुगतान के संबध में अधिकारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में अधीक्षक ने साफतौर पर कहा है कि बकाया राशि को लेकर अस्पताल प्रबंधन के दस्तावेजों और नगर निगम के
दस्तावेजों में अत्याधिक अंतर है। जो बकाया राशि निगम द्वारा बताई गई है वह सही नहीं है।
ये है मामला
शासन द्वारा शासकीय संपत्तियों से जल कर व यूजर चार्ज वसूले जाने का प्रावधान करने के बाद नगर निगम ने दो
दिन पहले सोमवार को जयारोग्य अस्पताल व जीआरएमसी (गजराराजा मेडिकल कालेज) से जल कर की वसूली के लिए अधीक्षक व डीन को कुर्की का नोटिस जारी किया था। इसमें जयारोग्य अस्पताल पर जल कर का दो करोड़ 57 लाख 63 हजार 36 रुपए और गजराराजा मेडिकल कालेज के छह नल
कनेक्शनों पर एक करोड़ 50 लाख74 हजार 27 रुपए का बकाया होना बताया गया था। निगम ने इस बकाया राशि की
वसूली के लिए अधीक्षक व डीन को कुर्की कावारंट जारी किया था।
इनका कहना है
नगर निगम और हमारे यहां के गणना पत्रक में अंतर आया है।
जो भुगतान हमारे द्वारा किया गया उसकी सूची हम नगर निगम को दे रहे है।त्रेमासिक बिल करीब 23लाख का होता है। हालही में जो बिल आए है उनके भुगतान के लिए बजट मांगा गया था। शासन के निर्देशानुसार इन्हे जमा कराए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई है ।
डॉ.आरकेएस धाकड़,
अधीक्षक जेएएच ग्वा.

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