मध्यप्रदेश भाजपा मुख्यालय पर भी चल सकता है बुलडोजर, यह है बजह

भोपाल । मप्र भाजपा के राजधानी स्थित कार्यालय पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है । मौजूदा भवन को गिराकर नया भवन बनाने के लिए इंजीनियर पिछले तीन दिन से दीनदयाल परिसर में मशीनों से टेस्टिंग कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा से जुड़े उच्च सूत्रों के अनुसार मौजूदा भवन को तोडकर नया बनाने की कवायद पूरी हो चुकी है । खबर है कि जल्द ही मप्र भाजपा के पुराने भवन को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मध्यप्रदेश भाजपा मुख्यालय भवन दीनदयाल परिसर को तोड़कर नया 10 मंजिला बेहद हाईटेक- कॉर्पोरेट दफ्तर बनाने की तैयारी चल रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए भवन के बेसमेंट में 500 से अधिक वाहनों की पार्किंग और मुख्य कार्यालय को वार-रूम की तर्ज पर बनाया जाएगा। भाजपा संगठन ने इस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट को विधानसभा चुनाव 2023 के पहले पूरा करने का टारगेट रखा है। नए कार्यालय भवन की छत पर हेलीकॉप्टर उतारने का प्रावधान भी रहेगा। भवन के कुछ हिस्से के कॉमर्शियल उपयोग की प्लानिंग भी है। सत्ता-संगठन के दिग्गज नेताओं और पार्टी हाईकमान के बीच नए प्रोजेक्ट को लेकर निर्णायक चर्चा हो चुकी है। भवन की डिजाइन पर काम चल रहा है, एक-डेढ़ महीने में मुख्यालय को खाली करने का काम शुरू हो जाएगा। कार्यालय को अस्थायी तौर पर कहीं और शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद मौजूदा बिल्डिंग को जमींदोज कर बेसमेंट में पार्किंग बनाने खुदाई शुरू होगी। पार्टी सूत्रों का कहना है निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो सके, इसलिए दिन-रात काम होगा। एक साल के भीतर नई इमारत खड़ी हो जाए। मिशन 2023 के पहले धूमधाम के साथ भाजपा नए कार्यालय भवन में प्रवेश की तैयारी कर चुकी है।
बजट 100 करोड़ से ऊपर
नए भवन का बजट क्या होगा, इसका अभी कोई खुलासा नहीं हुआ, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि नई बिल्डिंग ‘जी प्लस 8’ भी बनाई गई तो करीब 4 से 5 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन होने का अनुमान है। कंस्ट्रक्शन क्षेत्र से जुड़े लोगों का प्रारंभिक अनुमान है कि पूरा प्रोजेक्ट 100 से 150 करोड़ रुपए के बीच पहुंचेगा।
अभी बड़ी पार्किंग नहीं, कक्षों की भी कमी
राजधानी के बीचों-बीच करीब दो-ढाई एकड़ के विशाल भूखंड पर स्थित मौजूदा कार्यालय भवन तीन दशक पहले बना था। हालांकि भवन बेहद मजबूत और व्यवस्थित है, लेकिन संगठन की जरूरतों व पार्किंग के लिहाज से भवन छोटा पड़ने लगा है। वाहनों की पार्किंग के लिए भी स्थान नहीं है। संगठन के पदाधिकारियों को बैठने के लिए कक्षों की कमी के अलावा आईटी और सोशल मीडिया की भावी जरूरतों के हिसाब से जगह नहीं है। बड़े कार्यक्रम अथवा बैठकों के दौरान प्रदेश के सभी जिलों से जब पदाधिकारी आते हैं तो मुख्यालय के बाहर लिंक रोड पर जाम लग जाता है।
ऐसा है मौजूदा मुख्यालय
मौजूदा कार्यालय भवन की आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के कार्यकाल में दिसंबर 1991 में रखी गई थी। भवन को बनने में दो साल का समय लगा था, तब करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से 74 हजार वर्ग फीट परिसर का निर्माण हुआ। 20 हजार वर्ग फीट पर कार्यालय भवन, 19 हजार वर्ग फीट पर आवास और करीब 27 हजार वर्ग फिट पर कामर्शियल और अन्य कंस्ट्रक्शन भी है।
दिल्ली जैसा होगा हाईटेक ऑफिस
सूत्रों की मानें तो भाजपा का नया ऑफिस दिल्ली में बने आफिस की तरह हाईटेक होगा। दिल्ली में भाजपा का नया राष्ट्रीय कार्यालय 18 फरवरी 2018 से शुरू हुआ था। आठ हजार वर्ग मीटर में बने उस अत्याधुनिक ऑफिस में 70 कमरे और 400 गाड़ियों के खड़े होने की जगह है। भवन वाटर हार्वेस्टिंग और बॉयो टॉयलेट की सुविधा से युक्त है। भवन में दो कॉन्फ्रेंस रूम हैं, जिसमें एक साथ 600 लोगों के बैठने की सुविधा है। भवन में ऊपर आने-जाने के लिए लिफ्ट और एलिवेटर की सुविधा है। उस भवन पर करीब 350 करोड़ रुपए की लागत आई थी।

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