पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का संघर्ष है – जसविंदर सिंह

मुरैना /कैलारस – पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव में माकपा के प्रत्याशियों से चर्चा करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र और संविधान को बचाने का संघर्ष है। इसमेंं हमें बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी होगी। जनता के सच्चे हमदर्द और संघर्षशील साथियों को आगे लाना होगा। एक और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार द्वारा लोकतंत्र को कमजोर करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। खासतौर से चम्बल क्षेत्र मेंप्रत्याशी एवं प्रस्तावकों से बांड भरवाए जा रहे हैं। जबकि आधी प्रत्याशी महिलाएं हैं। ऐसी स्थिति में इस तरह की कार्रवाई अत्यंत निंदनीय है। इससे लोकतंत्र का दायरा और सीमित होगा। आम लोग चुनाव में भागीदारी नहीं कर सकेंगे। खेल के दौरान खेल के नियम नहीं बदले जाते हैं। जो बदले जा रहे हैं। भाजपा सरकार द्वारा मेयर का चुनाव जनता से कराया जा रहा है। नपा अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों से कराया जा रहा है। यह लोकतंत्र का संकुचन है । इसी तरह से अध्यक्ष की निर्वाचन की उम्र 25 वर्ष रखी गई
है । वहीं पार्षदों की उम्र 21 बर्ष की जा रही है। इस तरह की कार्रवाई चुनाव के दौरान किया जाना अनुचित है। उन्होंने आम लोगों से इसका प्रतिकार करने की अपील की। लोकतंत्र और संविधान को बचाने आगे आने की अपील की। कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य अशोक तिवारी जिला सचिव महेश प्रजापति गयाराम सिंह धाकड़ राजेश गुप्ता ओमप्रकाश श्रीवास आदि शामिल रहे।

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