जीतू खुद के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं या पिता की राह आसान
जीतू राण्ठखेड़ा "आपकी परिषद-आपके द्वार" कार्यक्रम के माध्यम से लगातार वार्ड दर वार्ड क्षेत्रीय पार्षद के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर जनता की समस्याओं को न केवल सुन समझ रहे हैं बल्कि साथ चल रहे प्रशासनिक अमले के माध्यम से त्वरित कार्यवाही कर निराकरण भी कर रहे हैं ।

पोहरी : देश से रियासतों का जमाना खत्म हुआ तो सियासत ने जगह ले ली, कभी रियासतों में वंशवाद का चलन था यानी राजा का बेटा राजा और बेटा नहीं भी हुआ तो दत्तक पुत्र उत्तराधिकारी बन जाता था लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजा का चुनाव जनता करती है । इस सियासत में भी वंशवाद की बेल खूब फल फूल रही है राजनेताओं के बेटे-बेटियाँ पिता की सियासत को खूब आगे बढ़ा रहे हैं ।
सूबे के शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा सीट पर सिंधियाई नेता सुरेश धाकड़ “राण्ठखेड़ा” भारतीय जनता पार्टी के न केवल विधायक हैं बल्कि सूबे की शिवराज सरकार में पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री का जिम्मा भी बख़ूबी संभाल रहे हैं । सुरेश धाकड़ 2018 में पहली बार कांग्रेस के टिकिट पर विधायक बने थे लेकिन सत्ता के उलटफेर में अपने राजनैतिक गुरु ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपाई हो गए और दूसरी बार विधायक बनकर मंत्री हैं । राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ के बड़े बेटे जीतू राण्ठखेड़ा ने उपचुनाव में पिता के लिए न केवल खूब पसीना बहाया बल्कि पिता के विधानसभा क्षेत्र से बाहर होने पर उनकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है और अपने विधानसभा परिवार के सुख और दुःख में जीतू राण्ठखेड़ा सदैव खड़े रहते हैं ।
वर्तमान में नगर परिषद पोहरी और बैराड़ में राज्यमंत्री सुरेश धाकड़ के प्रयासों से भारतीय जनता पार्टी की नगर सरकार है और जिस जिम्मेदारी के साथ सरकार बनाई उसी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए उनके पुत्र जीतू राण्ठखेड़ा “आपकी परिषद-आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से लगातार वार्ड दर वार्ड क्षेत्रीय पार्षद के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को लेकर जनता की समस्याओं को न केवल सुन समझ रहे हैं बल्कि साथ चल रहे प्रशासनिक अमले के माध्यम से त्वरित कार्यवाही कर निराकरण भी कर रहे हैं । जीतू की इस पहल से राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि जीतू राँठखेडा आने वाले समय में पिता की सियासत को संभालने के लिए अपनी राजनैतिक बिसात बिछा रहे हैं या फिर 2023 में होने वाले विधानसभा आम चुनाव के लिए पिता के लिए जनाधार बढ़ाकर राह आसान कर रहे हैं । जीतू राठखेड़ा बीते कुछ सालों में राजनैतिक समझ के साथ परिपक्व हो रहे हैं, सौम्य सरल और सहज भाव के साथ जनता से सीधा सरोकार बना रहे हैं । युवाओं के बीच जीतू की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग भी है, युवा उन्हें अपना प्रेरणास्त्रोत तक बताते हैं यानी कहीं न कहीं युवाओं एक लॉबी है जो जीतू धाकड़ को अपना भावी नेता मानती है लेकिन सवाल फिर वही कि क्या रियासत से चली आ रही वंशवाद की परंपरा अब सियासत में भी चलेगी या फिर किसी आम कार्यकर्ता जो पार्टी के झंडे और डंडे उठाने का काम कर रहे हैं, को मौका मिलेगा । राजनीतिक समझ रखने वाले कुछ भी कयास लगाये लेकिन जीतू की इस पहल से आमजन की समस्याओं का निराकरण हो रहा है और जनप्रतिनिधियों का ये दायित्व भी है कि उन्हें जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का समाधान करें ।

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