एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में होगी तो निश्चित रूप से अधिक बच्चों के भाग्य का उदय होगा – श्री रघुराज कंषाना
◆ एमबीबीएस हिन्दी पद्धति से होती तो आज हर घर में एक बच्चा डॉक्टर होता - श्री गिर्राज डंडोतिया - ◆ जिले के शासकीय, अशासकीय स्कूल, कॉलेजों में एमबीबीएस हिन्दी के बारे में बताया

प्रदेश सरकार एमबीबीएस की पढ़ाई अब हिन्दी में करायेगी, जिसका शुभारंभ भारत सरकार के गृह मंत्री श्री अमित शाह 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे भोपाल से करेंगे। हिन्दी में एमबीबीएस की पढ़ाई होगी तो निश्चित रूप से अधिक बच्चों के भाग्य का उदय होगा। यह बात पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री रघुराज कंषाना ने उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 मुरैना में स्कूली बच्चों को संबोधित करते हुये कही। इस अवसर पर ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिर्राज डंडोतिया, जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुभाष शर्मा, डीपीसी श्री डीके शर्मा, सरस्वती स्कूल के प्राचार्य श्री राघवेन्द्र तोमर, उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य श्री मुकेश सांडिल्य सहित शिक्षक एवं स्कूल छात्र-छात्रायें उपस्थित थे।
पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम के अध्यक्ष श्री रघुराज सिंह कंषाना ने कहा कि हिन्दी हमारी मातृभाषा है, मेडीकल की पढ़ाई अभी तक अंग्रेजी में होती थी, किन्तु प्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि मध्यप्रदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में होगी, जिसका शुभारंभ 16 अक्टूबर को हो रहा है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर, मेडीकल, टेक्निकल की पढ़ाई अंग्रेजी में होने से कई बच्चे हिन्दी मीडियम के वंचित रह जाते थे, किन्तु हमारी मातृभाषा हिन्दी है। हिन्दी मीडियम से हमारे छात्र डॉक्टर बनना चाहते थे, उनके सपने अधूरे रह जाते थे। अब उन बच्चों को भी मौका मिलेगा, जो गांव वस्तियों से हिन्दी मीडियम से पढ़ाई करते थे। उन्हें भी एमीबीबीएस की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिर्राज डंडोतिया ने कहा कि हिन्दी है हम वतन है, हिन्दुस्तान हमारा, हम जन्म लेते है, मृत्यु तक सभी कार्य हिन्दी में होते है। हिन्दी को हम क्यों छोड़े, हिन्दी हमारी मातृभाषा है। अंग्रेजों का शासन काल था, तब हिन्दी भाषा को तोड़ने का प्रयास किया। अंग्रेजों ने हिन्दुस्तान पर राज किया, किन्तु वे हिन्दी नहीं सीख सके। हमारे बच्चे हिन्दी जानते है, उनका अनुवाद कर सकते है। हमारे हिन्दुस्तान में रामायण भी हिन्दी में लिखा हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मेडीकल पढ़ाई को हिन्दी में प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, इसकी हम सराहना करते है। हिन्दी की पद्धति से एमबीबीएस होती तो आज हर घर में एक डॉक्टर होता। आज एमबीबीएस का उदय होने वाला है, यह हर व्यक्ति के लिये वरदान साबित होगा।
सरस्वती शिशु स्कूल के प्राचार्य श्री राघवेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि बच्चा सहज-सरलता से सीखता है तो हिन्दी से ही सीखता है। हिन्दी का दुराचार्य भारत में ठीक नहीं, हिन्दी हमारी राजभाषा है। उन्होंने कहा कि मातृभाषा को हम गले लगायें तो जरूर हम अपने आपके लिये भारत का गौरव दिवस मानें। अपनी मातृभाषा का समर्पण का भाव रखें। हमें हिन्दी बोलने में गर्व होना चाहिये। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त करते हुये प्राचार्य श्री मुकेश सांडिल्य ने कहा कि एमबीबीएस की पढ़ाई 16 अक्टूबर से प्रारंभ की जा रही है। जिसके लिये अंग्रेजी वर्जन की किताबों को हिन्दी में कनवर्ट कर लिया गया है। यह सरकार की अनुकरणीय पहल है। जिसका हम सब लोग स्वागत करते है। आज के कार्यक्रम में सभी ने समय निकाला। मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।
इसके पूर्व ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिर्राज डंडोतिया ने शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल मुरैना में भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर एवं प्राचार्य उपस्थित थे।
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