पोहरी : फिर निकला बाहर सरकुला का जिन्न, राण्ठखेड़ा नहीं लड़ेंगे चुनाव

बड़ी खबर : जैसे-जैसे मध्यप्रदेश विधानसभा 2023 के चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं जैसे वैसे जमीनी स्तर पर नेताओं की सक्रियता बढ़ रही है तो वहीं राजनीतिक दल बंद कमरों में चिंतन और मंथन करने में व्यस्त हैं । इसके साथ ही जनता भी बीते 4 साल में क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के आधार पर 2023 के चुनावी गुणा भाग में व्यस्त हैं । कई न्यूज़ चैनल और अखबारों के द्वारा अब जनता का मूड जानने के साथ-साथ सर्वे भी कराए जा रहे हैं । अभी हाल ही में एक डिजिटल चैनल के द्वारा हर विधानसभा की जनता का मूड जानने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट कवर की गई जिसके लिए वे पोहरी के सर्किट हाउस पर पहुंचे तो वहां सभी राजनीतिक दलों के अलावा शहर के प्रबुद्ध जन , क्षेत्र के किसान और युवा वर्ग बड़ी तादाद में उपस्थित थे । यहां पर लोगों के द्वारा पक्ष और विपक्ष ने वर्तमान विधायक और राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ राण्ठखेड़ा को लेकर कई तरह के तर्क दिए ,किसी ने उन्हें विकास पुरुष बताया तो किसी ने उन्हें अपने घर के सामने गड्ढे तक नहीं भर पाने वाला पीडब्ल्यूडी मंत्री भी बताया ।
फिर निकल आया बोतल से बाहर सरकुला डैम का जिन्न
बरसों से अपने विकास की नई कहानी लिखने के लिए आतुर पोहरी विधानसभा क्षेत्र की एक महत्वाकांक्षी परियोजना सरकुला डैम आम आदमी से लेकर जनप्रतिनिधियों के मांग रही है, इसके लिए एक सामाजिक मंच के माध्यम से पूर्व विधायक द्वारा सरकार के समक्ष कई बार प्रस्ताव भेजा था जिसको सरकार ने स्वीकृति तो दे दी लेकिन धरातल पर सरकुला डैम का अस्तित्व ही दिखाई नहीं देता । चैनल के द्वारा कराए गए डिबेट में एक बार फिर पोहरी की महत्वकांक्षी परियोजना सरकुला डैम का जिन्न बाहर निकल ही आया । विपक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन जेसीबी पर बैठकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकुला परियोजना का भूमि पूजन किया था अब वे मशीन है कहां ? और तो और इनके मंत्री जी भी कहते हैं कि सरकुला डेम नहीं बना तो मैं अगला चुनाव नहीं लडूंगा । इस सवाल के जवाब में राज्य मंत्री सुरेश धाकड़ के पुत्र जीतू धाकड़ से लेकर कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष को अब धैर्य रखना चाहिए क्योंकि जब एक राज्यमंत्री ने इतना बड़ा वादा कर दिया कि यदि सरकुला परियोजना नहीं बनी तो वे 2023 का चुनाव नहीं नहीं लड़ेंगे ।
सरकुला डैम को लेकर कब हुए ट्रोल
बीते साल आई बाढ़ के समय सोशल मीडिया पर डैम को लेकर कटाक्ष किए गए कि सावधान ! सरकुला डैम फुल हो गया है इसके गेट खोले दिए गए हैं । “एक गेट खुला और ये दूसरा गेट भी खुला” ये ट्रेंड सोशल मीडिया पर उस समय खूब चला जब अंचल में हुई तेज बारिश ने तबाही मचाई हुई थी । तेज बारिश के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया था, सड़कें बह गई थी तब राज्यमंत्री राँठखेड़ा के विरोधी सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल कर रहे थे उसके बाद ही एक कार्यक्रम में मामले पर बोलते हुए कहा था कि यदि सरकुला नहीं बना तो मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूँगा ।
क्यों नहीं लड़ पाएंगे चुनाव..?
पोहरी विधानसभा की बहुप्रतीक्षित परियोजना सरकुला डैम सरकार द्वारा स्वीकृत हो गया है और स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और राज्यसभा सांसद व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित तमाम बड़े नेताओं ने उसका भूमिपूजन भी किया था लेकिन कार्य की गति धीमी ही नहीं लेकिन कार्य ही बंद होने के कारण और कुछ विभागीय पेंच फंसने के कारण सरकुला डैम के बनने की उम्मीद फिलहाल कम ही है । निर्माण कार्य को लेकर पोहरी के पूर्व विधायक और पाठ्यपुस्तक निगम उपाध्यक्ष ( राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त ) प्रहलाद भारती ने भी सवाल खड़े किए थे । यदि जनवरी 2023 में विधानसभा चुनाव हुए तो डैम का बनना नामुमकिन है तो क्या ऐसे में राँठखेड़ा अपने दिए बयान पर कायम रहेंगे या फिर राजनैतिक बयान मानकर चुनावी मैदान में होंगे । हो सकता है कि चुनाव नजदीक आते ही वोट बैंक की खातिर निर्माण कार्य दिखावे के लिए शुरू कर दिया जाएगा और उसके बाद फिर विभागीय खामियों का हवाला देकर कार्य ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा ।

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