विजयपुर : मेवरा की घर वापिसी, कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा में शामिल

विजयपुर : भाजपा से दो बार विधायक और एक बार राज्यमंत्री रहे बाबूलाल मेवरा ने केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अगुआई में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। मेवरा के भाजपा में लौटने से भाजपा के अंदरखाने में चहल पहल मच गई है, कुछ लोग इसे बाबूलाल की घर वापिसी बता रहे हैं तो कुछ इसे “सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” वाली कहावत भी बता रहे हैं । हालांकि मेवरा के भाजपा में शामिल होने की खबर कोई ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं है क्योंकि मेवरा भाजपा से दो बार विधायक और एक बार राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त भी रह चुके हैं, 2018 में बसपा में शामिल हुए फिर कांग्रेस का हाथ थामा था ।
गौरतलब है कि बाबूलाल मेवरा जनसंघ के समय से भाजपा में हैं। करीब 54 साल तक जनसंघ और भाजपा में रहे मेवरा दो बार जनपद अध्यक्ष रहे हैं। भाजपा के टिकट पर 1985 और 1998 में विजयपुर विधानसभा से विधायक का चुनाव जीत चुके हैं। 2003 के बाद भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया, लेकिन 2008 से 13 तक उन्हें वन विकास निगम का उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा जरूर शिवराज ने दिया। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी जब मेवरा को टिकट नहीं मिला तो उन्होंने भाजपा छोड़ दी और रातोंरात बसपा में शामिल होकर टिकट ले आए, लेकिन वह चुनाव हार गए। बाबूलाल मेवरा ने लोकसभा का टिकट नहीं मांगा, फिर भी बसपा में उनका मन छह महीने भी नहीं लगा। विगत विधानसभा चुनाव के बाद कई महीने से चर्चाएं थीं, कि मेवरा की भाजपा में घर वापिसी हो सकती है, लेकिन सारे कयासों की हवा निकालते हुए मेवरा ने कांग्रेस का हाथ थामने का ऐलान कर दिया था और श्योपुर और विजयपुर में ज्योतिरादित्य सिंधिया की सभा में बाबूलाल मेवरा ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली थी । चूंकि मेवरा का विजयपुर कस्बे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी पकड़ है, इसलिए कांग्रेस को फायदा मिलना तय था और बसपा-भाजपा का नुकसान साफ होता दिख रहा था, बाबूलाल मेवरा अपने धुर विरोधी रामनिवास रावत के साथ कांग्रेस के लिए कदम से कदम मिलाकर काम कर रहे थे और यही कारण है कि केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के हाथों अब उनकी घर वापिसी हुई है ।
तो क्या 2023 में टिकिट का आश्वासन मिला है मेवरा को
श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा है, यहाँ से मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत विधायक रहे हैं और मध्यप्रदेश सरकार में मंन्त्री भी । वर्तमान में इस सीट पर भाजपा का कब्जा है और यहाँ से दलित नेता सीताराम आदिवासी विधायक हैं, सीताराम को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है, वे अपने कार्यकाल में विजयपुर के विकास के पन्नों में ऐसा कुछ भी नहीं लिख पाए जिसकी दम पर भाजपा 2023 में वोट बैंक भुना पाए जबकि यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का संसदीय क्षेत्र होने के साथ ही तोमर के करीबी मध्यप्रदेश सरकार के मंन्त्री भारत सिंह कुशवाह के प्रभार वाले जिले में भी शामिल है । हो सकता है 2023 में सीताराम को घर बिठाकर टिकिट किसी और को दिया जा सके , कांग्रेस को कमजोर करने के लिए मेवरा को घर वापिसी कराई गई हो या हो सकता है कि पार्टी मेवरा पर ही विश्वास कर ले लेकिन मेवरा को टिकिट मिलने की स्थिति में भाजपाई नेता भितरघात कर सकते हैं क्योंकि मेवरा ने न केवल चुनावी समय में भाजपा को छोड़ा था बल्कि बसपा से चुनावी मैदान में भी थे । हालांकि 2023 में वर्तमान विधायक सीताराम आदिवासी के अलावा तीन बार के जिला पंचायत सदस्य परीक्षत धाकड़, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की कुर्सी छोड़ राजनीति में आने वाले अशोक गर्ग, एडवोकेट बी के शर्मा और गुड्डू जादौन भी शामिल हैं

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