विजयपुर में विकास होगा या सिर्फ चुनावी नारियल फोड़ रही है सरकार

विशेष खबर : मध्यप्रदेश की मोहन सरकार विकास के नाम पर अपनी वाहवाही खुद ही कर रही है, श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और रामनिवास रावत सहित क्षेत्रीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर की मौजूदगी में न केवल लाड़ली बहनों के खाते में राशि और रक्षाबंधन का सगुन भेजा था बल्कि 344 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया था। विजयपुर के विकास के नाम पर कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने वाले रामनिवास रावत की मांग पर मोहन सरकार ने विकास कार्यों की झड़ी लगा दी । बारिश के मौसम में भले ही कुछ क्षेत्र पानी की कमी महसूस कर रहे हों लेकिन विकास की गंगा इतनी तेजी से बह रही है कि बीते सत्तर साल के दर्द को विजयपुर की जनता भूलने वाली है ।
आपको बता दें कि विजयपुर विधानसभा सीट से 6 बार के कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत में बीते लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को अलविदा के करवाती जनता पार्टी का दामन थाम लिया था मीडिया के पूछे जाने पर रामनिवास रावत ने कहा था कि कांग्रेस में रहकर भी क्षेत्र का विकास नहीं कर पा रहे हैं लिहाजा में कांग्रेस को छोड़ करवाती जनता पार्टी में शामिल होकर क्षेत्र का विकास करना चाहता हूं आपको बता दें कि रामनिवास राव बातें विजयपुर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रहे हैं दिग्विजय सिंह की तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे लेकिन दिन कार्यकाल में रामनिवास रावत अपने क्षेत्र का विकास नहीं कर पाए या यूं कहीं की रामनिवास नैना तो क्षेत्र में किसी अन्य नेता को आगे बढ़ने दिया और ना ही क्षेत्र का विकास होने दिया आप आमजन के बीच सवाल पैदा हो रहा है कि जो रामनिवास छह बार की विधायक के कार्यकाल और एक बार के कैबिनेट मंत्री के कार्यकाल में क्षेत्र में विकास नहीं कर पाए क्या वह 3 साल में भारतीय जनता पार्टी की मोहन सरकार में रहकर क्षेत्र का विकास कर पाएंगे
बीते दिनों मोहन यादव ने विजयपुर में जनसभा के दौरान क्षेत्र के विकास की घोषणाओं की झड़ी लगा दी , करीब 344 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि पूजन भी किया लेकिन सवाल फिर वही होता है कि क्या यह विकास कार्य जिनका भूमि पूजन हुआ है वह धरातल पर उतरेंगे या फिर उपचुनाव के मौसम को देखते हुए सिर्फ नारियल फोड़कर जनता को लुभाया जा रहा है क्यों कि देखने को मिलता है कि जिस क्षेत्र में चुनाव या उपचुनाव होता है वहां विकास कार्यों के लिए बोरियां भरकर नारियल ले जाते हैं और जो जनता की डिमांड होती है उसी के नाम पर शिला पट्टिका लगा दी जाती है ।
अपर ककैटो डैम , सहसराम सारंगपुर सड़क, सहसराम उप तहसील है मुद्दा
रामनिवास रावत की विजयपुर विधानसभा सीट के अंतर्गत बने अपर ककैटो डैम क्षेत्र में आने वाले पीड़ित किसानों को आज तक न्याय नहीं मिला है , डैम के बन जाने से ग्वालियर और शिवपुरी की तरफ का आवागमन के लिए रास्ता बाधित हो गया है जिसकी सुनवाई रामनिवास रावत ने आज तक नहीं की । इसके अलावा सारंगपुर से सहसराम सड़क मात्र 6 किलोमीटर लंबी है जिसके लिए ग्रामीणों ने आज से करीब 10 वर्ष पूर्व इसी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा की थी लेकिन सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंगी , और ना ही कएलरोड़ का सर्वे कराया गया । इसके अलावा सहसराम उप तहसील का मुद्दा भी जनहित का है, विजयपुर तहसील की दूरी अधिक होने के कारण किसानों को अपने कार्यों के लिए इतनी दूर भागना पड़ता है इसीलिए सहसराम में उप तहसील बनाई जानी थी जिसे क्षेत्रीय नेताओं ने सहसराम से स्थानांतरित कर दिया ऐसे में पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा ।

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