होर्डिंग बैनर से शिवराज की फोटो गायब, किरार समाज नाराज
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में प्रभारी मंत्री के आगमन पर पार्टी नेताओं सहित पूर्व विधायक ने लगाए होर्डिंग

श्योपुर : राजनीति में गणेश परिक्रमा का बड़ा महत्व है , गणेश परिक्रमा भगवान गणेश की नहीं बल्कि अपने राजनीतिक आका की, हार्डिंग्स बैनर से लेकर उनके घर तक जाकर उनके चेहरे के दर्शन राजनीति में कब किसको कहां पहुंचा दें ये किसी से छुपा नहीं है । होर्डिंग पर फोटो होने और न होने से राजनीतिक गलियारों में सियासी पारा गरम हो ही जाता है । मामला सूबे की विजयपुर विधानसभा सीट का है जहां नवागत प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ल का दौरा है लिहाजा पार्टी नेताओं की ओर से उनके स्वागत में होर्डिंग बैनर लगाए गए हैं और ये बैनर अब चर्चा का विषय भी बन गए हैं ।
ये है पूरा मामला
पार्टी के तमाम नेताओं और पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा की और से स्वागत में लगाए गए बैनर पर सूबे के चार बार मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में मोदी सरकार के कृषि कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो नहीं है जबकि उनके ही साथी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को बैनर पर स्थान दिया है,अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि आखिरकार भारतीय जनता पार्टी के नेता शिवराज सिंह की फोटो लगाने से परहेज क्यों करते हैं । बैनर पर फोटो गायब होने पर 2018 में सत्ता से बाहर होने पर एक बार खुद शिवराज सिंह ने एक कार्यक्रम में चुटकी लेते हुए नाराजगी जताई थी कि बैनर से फोटो तो ऐसे गायब हो जाती है जैसे गधे के सिर से सींग ।
शिवराज सिंह का फोटो नहीं लगाने पर किरार समाज में नाराजगी
होर्डिंग बैनर से शिवराज सिंह चौहान की फोटो गायब होने से किरार समाज के लोग नाराज हैं , अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय समाज के राष्ट्रीय पदाधिकारी ने अपनी फेसबुक पर उन सभी पोस्टर जिन पर शिवराज सिंह की फोटो नहीं को अपलोड करते हुए लिखा है कि पार्टी को वोट किरार धाकड़ समाज का चाहिए लेकिन शिवराज सिंह जैसे कद्दावर नेता का फोटो नहीं लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा किरारों को महत्व देने से बचती रही है सिर्फ शिवराज के नाम पर वोट हासिल करना पार्टी का उद्देश्य रहा है, उन्होंने आगे लिखा है कि अंचल में संगठन और सरकार में किरार समाज को जगह नहीं देना किरार समाज की उपेक्षा है । अन्य लोगों ने भी शिवराज सिंह की फोटो नहीं लगाने को लेकर नाराजगी जताई है।
विजयपुर में होगा उपचुनाव, किरार समाज है निर्णायक मतदाता
कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के भाजपा में शामिल होने के कारण अब उपचुनाव होगा , रामनिवास रावत को भाजपा ने भले ही सत्ता में शामिल कर कैबिनेट मंत्री बना दिया हो लेकिन उनकी राजनीतिक जमीन बहुत कमजोर है और ऐसे में किरार समाज जैसे निर्णायक वोट बैंक के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की फोटो न लगाकर पार्टी नेता अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहे हैं। जीतने भी उपचुनाव हुए हों फिर चाहे कोलारस हो या पोहरी पार्टी की नजर किरार समाज के वोट बैंक पर रहती है, इस वोट बैंक को साधने के लिए पार्टी अखिल भारतीय किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह चौहान से लेकर उनके बेटे कार्तिकेय चौहान और अन्य पदाधिकारियों को क्षेत्र में भेजती है और शिवराज सिंह चौहान के नाम पर वोट बैंक को साधा जाता है। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के दौरान भी किरार समाज के वोट बैंक को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को ग्वालियर अंचल की जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में किरार समाज का वोट हासिल करना पार्टी के लिए टेढ़ी खीर है ।


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