मायावती की सोशल इंजीनियरिंग छोड़ योगी की बने ताकत


उत्तर प्रदेश : विधानसभा चुनाव को सिर्फ तीन महीने बचे हैं। ऐसे में यहां लड़ाई सीधे तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ और सपा चीफ अखिलेश यादव के बीच देखी जा रही है। कांग्रेस इस बार मैदान में दिख जरूर रही है लेकिन उसकी यह कोशिश कितने वोट दिला पाएगी यह वक्त ही बता सकता है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच माना जाने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कभी मायावती अहम किरदार हुआ करती थीं लेकिन मौजूदा स्थिति में वह नंबर तीन पर नजर आ रही हैं। उनका एक समर्पित वोट बैंक आज भी है लेकिन इस वोट बैंक की पूंजी बढ़ नहीं रही है। यही वजह है कि धीरे-धीरे मायावती के करीबी बीजेपी के पाले में जाते जा रहे हैं। फिर वह स्वामी प्रसाद मौर्य हों, ब्रजेश पाठक हों या फिर बीएसपी से निकाले गए नरेंद्र कश्यप। ये सभी ऐसे नाम हैं जो कभी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक में मायावती की सोशल इंजीनियरिंग का हिस्सा थे लेकिन आज ये बीजेपी को ताकत देने में जुटे हुए हैं। आइए बताते हैं आपको ऐसे ही पांच बड़े नेताओं के बारे में।
ब्रजेश पाठक
मायावती को साल 2016 में बीजेपी ने सबसे बड़ी झटका दिया था, जब उन्नाव से बीएसपी सांसद रह चुके और मायावती के करीबी माने जाने वाले ब्रजेश पाठक ने उनका साथ छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। ब्रजेश पाठक बीएसपी ने एक प्रभावशाली और बड़ा ब्राह्मण चेहरा थे।
नरेंद् कश्यप
बीएसपी के सांसद रहे नरेंद्र कश्यप 2017 विधानसभा चुनावों से ठीक पहले बीजेप में शामिल हुए थे। साल 2016 में अपनी बहू हिमांशी की हत्या के मामले में नरेद्र कश्यप गिरफ्तार हो गए थे। गिरफ्तारी के बाद नरेंद्र कश्यप ने कहा था कि उन्होंने बहू के साथ कभी कुछ गलत नहीं किया। नरेंद्र कश्यप और उनके बेटे के खिलाफ दहेज और हत्या का केस दर्ज था। बीएसपी ने अपनी छवि को दागदार होने से बचाने के लिए कश्यप को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसके बाद वह बीजेपी में शामिल हुए थे।
स्वामी प्रसाद मौर्य
मायावती के साथ रिश्तों में आई तल्खी की वजह से उनके करीबी माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी पिछले विधानसभा चुनाव से पहले ही बीजेपी जॉाइन की थी। स्वामी प्रसाद मौर्य को कुर्मी जाति का बड़ा नेता माना जाता है।फिलहाल स्वामी प्रसाद मौर्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट में मंत्री हैं।
दारा सिंह चौहान
पूर्व सांसद दारा सिंह चौहान बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। साल 2014 में वह बीएसपी की टिकट पर ही घोसी सीट से लोकसभा चुनाव वड़े थे। हालांकि, चौहान चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार से हार गए थे लेकिन इसके करीब एक साल बाद उन्होंने बीएसपी छोड़ दी और खुद तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें पार्टी में शामिल करवाया।
धर्म सिंह सैनी
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की नकुड़ विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी विधायक रहे धर्म सिंह सैनी ने साल 2016 में बीजेपी जॉइन की थी। नुकड़ विधानसभा सीट से ही साल 2017 के चुनाव में सैनी ने कांग्रेस नेता इमरान मसूद को हराया था। वह 2002 से ही विधायक का चुनाव जीतते आ रहे थे लेकिन बीते चुनाव से पहले केशव प्रसाद मौर्य से बढ़ती उनकी करीबी की वजह से बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

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