मुख्यमंत्री चौहान ने करंज और गुलमोहर का पौधा रोपा
◆ प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सक्रिय पर्व फाउंडेशन के सदस्यों ने भी किया पौधरोपण ◆ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट उद्यान में प्लास्टिक मुक्त प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध तथा इस दिशा में कार्यरत पर्व फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट उद्यान में पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री चौहान ने आज करंज और गुलमोहर का पौधा लगाया। इस मौके पर पर्व फाउंडेशन के राजेंद्र मदान, श्रीमती विमल मदान तथा सचिन मदान साथ थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चौहान प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय संस्थाओं तथा व्यक्तियों के साथ प्रतिदिन पौधरोपण करते हैं। मुख्यमंत्री चौहान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों में समाज की सहभागिता को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री चौहान को संस्था के सदस्यों ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी।पर्व फाउंडेशन स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में कार्यरत है। यह संस्था पिछले 2 सालों से लगभग 200 लोगों को मशीन से पत्तों से दोना-पत्तल और गोबर से गो काष्ट के निर्माण की ट्रेनिंग दे चुकी है।
संस्था का मानना है कि प्लास्टिक की प्लेट कटोरी के स्थान पर पत्तों से निर्मित प्लेट व कटोरी के उपयोग से प्लास्टिक का उपयोग बड़ी सीमा तक कम किया जा सकता है। इस माध्यम से यह संस्था ग्रामीणों और जनजातीय भाई बहनों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करा कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सक्रिय है। संस्था द्वारा बेतूल में अपनी गतिविधियां संचालित की जा रहे हैं।
संस्था का मानना है कि वर्तमान में चार पांच प्रकार की वनस्पतियों के पत्तों से ही दोने पत्तल बनाए जाते हैं, जबकि 2,000 से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों से तैयार किए जाने वाले पत्तो और उनसे होने वाले लाभों के विषय में पारंपरिक चिकित्सकीय ज्ञान उपलब्ध है। इस ज्ञान का उपयोग कर अधिक से अधिक वनस्पतियों की पत्तियों का उपयोग दोना पत्तल बनाने में किया जाना चाहिए।
संस्था के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री चौहान को पत्तों से निर्मित दोने-पत्तल का सेट भेंट किया।
करंज का चिकित्सा में महत्वपूर्ण उपयोग है। यह पर्यावरण की दृष्टि से भी उपयोगी है आज लगाए गए गुलमोहर को विश्व के सुंदरतम वृक्षों में से एक माना जाता है। गुलमोहर की पत्तियों के बीच बड़े-बड़े गुच्छों में खिले फूल, इस वृक्ष को अलग ही आकर्षण प्रदान करते हैं। गर्मी के दिनों में गुलमोहर के पेड़ पत्तियों की जगह फूलों से लदे हुए रहते हैं। यह औषधीय गुणों से भी समृद्ध है।

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