दल मिले लेकिन दिल नहीं, सिंधिया के कार्यक्रम से केपी रहे नदारद

केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार-रविवार को गुना, अशोकनगर और शिवपुरी का दौरा किया। मंत्री बनने के बाद वह पहली बार क्षेत्र में पहुंचे। उनके दौरे के दौरान जहां उन्होंने एक तरफ दिग्विजय सिंह के गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, तो वहीं दूरी तरफ इस लोकसभा सीट से सांसद केपी यादव की अनुपस्थिति राजनैतिक हल्कों में चर्चा का विषय रही। BJP जहां उनकी अनुपस्थिति पर कुछ भी बोलने से बचती नजर आयी, वहीं कांग्रेस ने कहा कि जनता ने केपी यादव को चुना था, सिंधिया को नहीं।
सांसद सिंधिया ने लंबे अरसे बाद अपने पूर्व लोकसभा क्षेत्र का दौरा किया। इससे पहले वे एक बार अगस्त में बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का हवाई दौरा करने पहुंचे थे। उसके बाद पिछले हफ्ते शिवपुरी में किसी शादी समारोह में शामिल होने आए थे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उनका कोई बड़ा राजनैतिक दौरा लोकसभा क्षेत्र में नहीं हुआ था। शनिवार और रविवार को उन्होंने अपने क्षेत्र का दौरा किया। भोपाल से वे गुना आये। यहां से शिवपुरी और फिर अशोकनगर का दौरा किया।
सांसद केपी यादव नदारद
राजनैतिक हलकों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय गुना-शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद केपी यादव की अनुपस्थिति बनी। पार्टी यह कहकर बचाव करती हुई नजर आयी कि सांसद यादव दिल्ली में हैं। इस वजह से वह शामिल नहीं हो पाए हैं। लेकिन आम लोगों में इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है। उनका कहना है कि सांसद को उपेक्षित किया जा रहा है। दोनों के दिल अभी तक नहीं मिल पाए हैं। इसलिए केपी यादव सिंधिया के कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए हैं।
कांग्रेस नेता और राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने भास्कर से चर्चा में कहा कि लोकसभा क्षेत्र की जनता ने केपी यादव को वोट दिया था, सिंधिया को नहीं। उन्होंने कहा कि “सांसद जी बहुत ही भले आदमी हैं। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ। मैं उनके मन की बात समझ सकता हूँ। जिनको उन्होंने हराया, वही अब सौदा कर उनके सिर पर आकर बैठ गए हैं। मैं उनकी पीड़ा समझ सकता हूँ, उनके साथ बहुत अन्याय हुआ है।”

Subscribe to my channel



