कांग्रेस को पता नहीं ओबीसी वर्ग से क्या दुश्मनी है – भाजपा

माननीय उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश में बहु प्रतीक्षित पंचायत चुनाव और नगरीय निकाय पर फैसला देते हुए सरकार से दो हफ्ते में दिशा निर्देश जारी करने को कहा है । बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव कराए जाने के फैसले से ओबीसी वर्ग के बीच खासी नाराजगी देखने को मिल रही है । सामाजिक संगठनों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान कर दिया है, अब ओबीसी की नाराजगी से 2023 में नुकसान होते देख भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आरक्षण की गेंद को एक दूसरे के पाले में फेंक रहे हैं ।
प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि भाजपा की सरकार पंचायती राज के तहत ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का कार्य कर रही थी, लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस ने योजनाबद्ध तरीके से चुनाव में व्यवधान पैदा किया ताकि ओबीसी वर्ग को आरक्षण न मिल सके। भाजपा ने हमेशा से ही हर वर्ग के कल्याण व हितों की रक्षा के लिए संकल्पित है ।कांग्रेस ने विधानसभा में प्रदेश की 51% OBC आबादी को जानबूझकर 27% प्रतिशत बताकर 27% आरक्षण पेश किया। कांग्रेस ने हमेशा की तरह झूठ, छल, कपट से प्रदेश की जनता को गुमराह करने एवं फूट डालकर राज करने की कोशिश की, जिसके लिए प्रदेश की जनता कभी कांग्रेस को माफ नही करेंगी। हमारी सरकार मोडिफिकेशन के लिए न्यायालय में जाएगी, भारतीय जनता पार्टी ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
तो वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है,कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया है कि ओबीसी आरक्षण की लड़ाई हम माननीय न्यायालय से से लेकर सड़क तक लड़ेंगे । जब हमारी सरकार थी तब भी हमने ओबीसी आरक्षण दिलाए जाने के लिए भरपूर प्रयास किए थे । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रिव्यु पिटीशन दायर कर पुनर्विचार करने की बात कही तो इस पर चुटकी लेते हुए एक विशेष वर्ग के लोगों का कहना है कि इस याचिका का सहारा लेकर सरकार एक बार फिर चुनावों को टालने के प्रयास कर रही है ।

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