आज का विज्ञापन : माफ करो शिवराज हमारा नेता महाराज

विधानसभा चुनाव 2018 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से दिया गया नारा बदलता हुआ दिखाई दे रहा है । भारतीय जनता पार्टी ने उस समय तत्कालीन कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को टारगेट करते हुए “माफ करो महाराज – हमारा नेता शिवराज” का नारा दिया था लेकिन सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधियाई नेताओं ने इस नारे को बदल दिया है उनका शायद इशारों इशारों में ही सही कहना है कि “माफ़ करो शिवराज हमारा नेता महाराज” ।
ऐसा हम इसीलिए कह रहे हैं क्योंकि आज ग्वालियर में राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल के नए भवन का शिलान्यास कार्यक्रम है और इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आ रहे हैं । अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर शहर में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तरह तैयारियां शासन और प्रशासन की ओर से की गई हैं । कार्यक्रम को लेकर कई नेताओं मंत्रियों ने भी स्वागत के विज्ञापन दिए हैं । दैनिक भास्कर में फुल पेज में दिए विज्ञापन में ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री से लेकर मंडल अध्यक्ष तक के लोगों के फोटो लगाए हैं लेकिन इन सबके बीच से कोई गायब है तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की फोटो, उनकी बड़ी-बड़ी फोटो तो छोड़िए छोटी सी भी फोटो कहीं नजर नहीं आ रही है इससे शायद यही लगता है कि सिंधियाई नेताओं ने यह मान लिया माफ करो शिवराज हमारा नेता महाराज और यहां से अब यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या अब शिवराज युग ग्वालियर चंबल में समाप्त होने को है और ज्योतिरादित्य सिंधिया का युग शुरू होने को , क्योंकि कुछ दिन पूर्व उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में सिंधिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई दिए जबकि मोदी के किचन केबिनेट का हिस्सा माने जाने वाले नरेंद्र सिंह तोमर प्रधानमंत्री के साथ दिखाई नहीं दिए । इतना ही नहीं इस विज्ञापन में ग्वालियर के सिंधिया ई नेताओं के अलावा गुना शिवपुरी से आने वाले सिंधिया समर्थक मंत्रियों की फोटो लगाई गई है लेकिन दिलचस्प बात यह भी है कि इस फोटो में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर सहित उनके समर्थक ग्वालियर ग्रामीण विधायक एवं मध्य प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह की फोटो भी शामिल नहीं है । प्रद्युमन सिंह तोमर ने जिन शिवराज सिंह चौहान की फोटो लगाने से परहेज किया है वही प्रद्युमन सिंह तोमर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट मंत्री मंडल में उर्जा मंत्रालय का जिम्मा संभाले हुए हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या एक मंत्री के लिए मुख्यमंत्री से बढ़कर उनका राजनैतिक गुरु है क्या प्रोटोकॉल का भी ध्यान ऊर्जा मंत्री ने नहीं दिया। इसके अलावा जिस पार्टी ने प्रधुम्न सिंह तोमर को अपने टिकिट पर न केवल चुनाव लड़ाया है बल्कि उसी के मुखिया वीडी शर्मा को भी तवज्जों देना उचित नहीं समझा तो क्या यह विज्ञापन सिर्फ अपने नेताजी सिंधिया को खुश करने के लिए ही है।

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