जौरा में कांग्रेस के राकेश की दावेदारी क्यों है मजबूत..?

मुरैना : मध्यप्रदेश आम विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियां जोरों पर हैं, एक तरफ राजनैतिक दल उपयुक्त उम्मीदवार के चयन को लेकर गाइडलाइंस बना रहे हैं तो वहीं दावेदार प्रदेश कार्यालय से लेकर आम जनता के बीच मैराथन भी कर रहे हैं । जौरा विधानसभा पर 2013 और वर्तमान में भाजपा के कब्जे वाली सीट हैं हालांकि 2018 में जरूर कांग्रेस ने इस सीट को भाजपा की पहली बार की जीत को हार में बदल दिया था और यहाँ से कांग्रेस के बनवारी लाल शर्मा विधायक बने थे लेकिन लंबी बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था और 2020 में हुए उपचुनाव में एक बार फिर भाजपा ने जीत हासिल की थी । इस सीट पर 2023 की दावेदारी पर गौर किया जाए तो तस्वीर साफ नजर आती है कि भाजपा अपने सिटिंग एमएलए पर ही भरोसा करेगी तो वहीं कांग्रेस से करीब आधा दर्जन लोग अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं । उन सब मे जिला पंचायत मुरैना के पूर्व जिला अध्यक्ष ( राज्यमंत्री दर्जा ) राकेश यादव का पलड़ा भारी पड़ता दिखाई दे रहा है ।
दरअसल राकेश यादव बहुत कम उम्र में ही जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे और तब से लेकर अब तक लगातार कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पक्ष और विपक्ष के साथ क्षेत्र के गरीब,किसान और मजदूर के हक की लड़ाई को बुलंद कर रहे हैं । जौरा विधानसभा क्षेत्र में धाकड़, कुशवाह और सिकरवार बाहुल्य क्षेत्र माना जाता है, राकेश यादव स्वयं धाकड़ समाज से आते हैं और जातिगत समीकरण उनके अच्छे भी हैं इसके अलावा सर्व समाज और वर्ग के बीच उनकी सरोकारता का अनुमान इस बात से भी लगाया जा सकता है कि वे सिकरवार बाहुल्य क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य भी चुने गए , यही नहीं राकेश यादव लंबे अरसे तक जिला पंचायत करीब तीन बार सदस्य निर्वाचित हुए । राकेश यादव आज की कांग्रेस के दोनों ही गुट दिग्विजय सिंह गुट और कमलनाथ गुट के बीच अपनी पकड़ मजबूत किए हुए हैं साथ ही स्थानीय होने के कारण लगातार पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका में कार्य कर रहे हैं, इसके अलावा वे प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी के रूप में अपने वरिष्ठ नेतृत्व के सतत सम्पर्क में है । हालांकि अभी यह कह पाना जल्दबाजी होगी कि टिकिट किसे मिलेगा लेकिन राकेश यादव की योग्यता से आज के समय में पार्टी के पैमाने में उपयुक्त और प्रबल दावेदार दिखाई दे रहे हैं ।

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