पोहरी में कांग्रेस से कैलाश का नाम तय, अब भाजपा की राह मुश्किल
भाजपा से सिटिंग एमएलए के टिकिट कटने पर पूर्व विधायक और महिला नेत्री में से होगा प्रत्याशी

विधानसभा चुनाव की बयान अब धीरे-धीरे तेज बहने लगी है क्योंकि अभी तक लोगों को इंतजार था कि कांग्रेस के उम्मीदवार का कि कौन और कहां उम्मीदवार से होगा, लेकिन आज नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही कांग्रेस ने अपने 144 उम्मीदवारों की सूची घोषित कर दी है । मध्य प्रदेश की राजनीति में यह पहली बार देखने को मिल रहा मिल रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व करने वाले केंद्रीय मंत्री और सांसदों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिया गया है । बीते विधानसभा चुनावों पर गौर किया जाए तो प्रत्याशियों का चयन प्रदेश के नेता और चुनाव समितियों की अनुशंसा पर ही टिकट वितरण होता था लेकिन पहली बार केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा टिकट तय किया जा रहे हैं ।
बात पोहरी विधानसभा क्षेत्र की करें तो यहां पर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार के तौर पर कैलाश कुशवाह को मैदान में उतारा है ।कैलाश कुशवाहा पूर्व में 2018 और उपचुनाव 2020 में बहुजन समाज पार्टी से चुनाव लड़ चुके हैं और यही नहीं दोनों बार दूसरे स्थान पर रहे हैं । अब क्षेत्र की जनता की निगाहें भाजपा की टिकट पर टिकी हुई है , भाजपा से टिकट के लिए मुख्य रूप से मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक सहित महिला नेत्री भी प्रयासरत और प्रबल दावेदार भी हैं, खबर है कि सिटिंग एमएलए के टिकट पर पार्टी ने कैंची चला दी है लिहाजा यहां पर कोई नया प्रत्याशी होगा । कैलाश कुशवाह के मैदान में आ जाने से अब भारतीय जनता पार्टी के समीकरण बदल गए हैं । कैलाश कुशवाहा को सभी जातियों का समर्थन मिलेगा और दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि कैलाश कुशवाह के साथ क्षेत्र की जनता की सहानुभूति भी साथ रहेगी क्योंकि वह बीते दो चुनाव हारे हैं, अब वे कांग्रेस की ओर से मैदान में हैं। कैलाश कुशवाह को चुनौती देने भारतीय जनता पार्टी को अब एंटी इनकंबेशी से बाहर निकलना है तो ऐसे चेहरे पर दांव चलना होगा जिसके प्रति क्षेत्र में सर्व स्वीकार्यता हो हालांकि आज शाम या कल तक भाजपा अगली सूची आने की संभावना है और उसमें पोहरी का प्रत्याशी भी हो सकता है।

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