ग्वालियर लोकसभा में भाजपा और कांग्रेस ने लगाया हारे हुए प्रत्याशियों पर दांव
ग्वालियर लोकसभा में भाजपा ने ओबीसी तो कांग्रेस ने सवर्ण पर चला दांव • भाजपा और कांग्रेस दोनों के ही प्रत्याशी हार चुके हैं विधानसभा चुनाव

राजनीतिक खबर : लोकसभा 2024 का आम लोकसभा चुनाव कई मायनों में खास है , एक तरफ कांग्रेस सहित INDI गठबंधन अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं तो वहीं भारतीय जनता पार्टी मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सत्ता वापिसी बड़े बहुमत के साथ करने के लिए प्रयासरत है । अबकी बार 400 पार जाने के लिए भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस के छोटे बड़े नेताओं को अपने कुनबे में शामिल करा रहे हैं । मध्यप्रदेश में 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 29 में से 28 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार 29 की 29 सीटें जीतने का पूरा प्रयास कर रही हैं।
भाजपा से हैं पूर्व विधायक भारत सिंह
ग्वालियर लोकसभा सीट प्रदेश की राजनीति में हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है, इस सीट से हमेशा ही बड़े बड़े दिग्गज चुनाव लड़ते रहे हैं। ग्वालियर लोकसभा सीट से स्वर्गीय माधव राव सिंधिया से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई तक को संसद की देहरी चढ़ने का अवसर प्रदान किया । इस बार भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व केंद्रीय और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की सीट रही ग्वालियर से उनके ही समर्थक पूर्व विधायक भारत सिंह कुशवाह को मौका दिया है। खबर है कि भारत सिंह को नरेंद्र सिंह तोमर के प्रयासों से ही टिकिट मिला है और भारत सिंह को जिताने के लिए नरेंद्र सिंह अपना पूरा दम लगा देंगे । ग्वालियर लोकसभा सीट की ग्वालियर पूर्व , ग्वालियर ग्रामीण और डबरा सहित शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा सीट पर वर्तमान में कांग्रेस के विधायक हैं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के लिए इस सीट पर जीत हासिल करना इतना आसान नहीं है । हालांकि भारत सिंह कुशवाह को ओबीसी चेहरा होने का लाभ मिल सकता है साथ ही कुशवाह वोट बैंक भी अच्छा है लेकिन ग्वालियर दक्षिण सीट से विधायक और मोहन सरकार में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह भाजपा प्रत्याशी से कुछ रूठे रूठे से दिखाई दे रहे हैं और पोहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक न केवल कुशवाह समाज से हैं बल्कि कांग्रेस से ही है ऐसे में कुशवाह समाज के वोट बैंक का ध्रुवीकरण भी निश्चित है । विधानसभा चुनाव के दौरान पोहरी विधानसभा के ग्राम चकरामपुर में हुए तिहरे हत्याकांड से क्षत्रिय समाज कुशवाह समाज से नाराज है इसलिए भारत सिंह के रास्ते में मुश्किलें बहुत है ।
ग्वालियर दक्षिण के पूर्व विधायक हैं कांग्रेस प्रत्याशी
कांग्रेस देर से आई लेकिन कितनी दुरस्त आई ये तो चुनावी परिणाम ही बता पाएंगे । भाजपा के ओबीसी चेहरा को मात देने के लिए कांग्रेस ने भारी चिंतन और मंथन के बाद ग्वालियर दक्षिण सीट से विधायक रहे प्रवीण पाठक को अपना उम्मीदवार बनाया है । ग्वालियर लोकसभा सीट से कांग्रेस से प्रमुख रूप से पूर्व सांसद रामसेवक सिंह बाबूजी और प्रवीण पाठक का नाम शामिल था लेकिन अंततः पार्टी ने ब्राह्मण चेहरे प्रवीण पाठक पर मुहर लगा दी। पार्टी ने सोचा कि भाजपा ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ग्वालियर चंबल अंचल में एक भी ब्राह्मण को मौका नहीं दिया सिवाय नरोत्तम मिश्रा के इसलिए ब्राह्मणों को साधने के लिए प्रवीण पाठक पर दांव लगाया हो । प्रवीण पाठक 2018 में पहली बार विधायक बने थे हालांकि उनकी जीत का अंतर मात्र 121 वोट ही था लेकिन युवा और तेज तर्रार प्रवीण पाठक लगातार सक्रिय रहे बावजूद इसके वे भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह कुशवाह से चुनाव हार गए । ग्वालियर सीट पर कांग्रेस जीत हासिल कर सकती है बशर्ते प्रवीण को अपने ही साधने होंगे । प्रवीण पाठक को टिकिट मिलने के बाद पूर्व सांसद रामसेवक सिंह बाबूजी के विरोध के सुर तो स्पष्ट सुनाई दिए ही साथ ग्वालियर जिलाध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा भी मुखर दिखाई दिए । मैदान में प्रवीण के साथ अपना ही कुनबा दिखाई नहीं दे रहा है।अब तो मतदान और चुनावी परिणाम की तारीखें ही बता पाएंगी कि 4 जून किसके भाग्य में राजयोग लेकर आ रही है।

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