कवाल में शान से दहाड़ेंगे मध्य प्रदेश के बाघ, टाइगर रिलोकेशन आबाद करेगा तेलंगाना का जंगल

सागर: तेलंगाना के कावल बाघ अभयारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश से बाघ बुलाए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंजूरी दे दी थी. इसके बाद टाइगर शिफ्टिंग के लिए तेलंगाना राज्य द्वारा प्रक्रिया शुरू की गई है. हालांकि आधिकारिक स्तर पर अभी प्रस्ताव मध्य प्रदेश सरकार को नहीं मिला है, क्योंकि एक राज्य से दूसरे राज्य में बाघों की शिफ्टिंग के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) अंतिम फैसला लेता है और इसकी एक निश्चित प्रक्रिया होती है.
पहले तेलंगाना राज्य को अपना प्रस्ताव एनटीसीए को भेजना होगा. तेलंगाना के प्रस्ताव पर एनटीसीए विस्तार से रिसर्च और अध्ययन के बाद मध्य प्रदेश सरकार को अनुमति देगा. फिर जाकर मध्य प्रदेश से तेलंगाना बाघ शिफ्ट किए जा सकेंगे.
क्या कहना है मध्य प्रदेश के अधिकारियों का
पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ शुभ रंजन सेन ने ईटीवी भारत से बातचीत में बताया कि “इस मामले में तेलंगाना सरकार से चर्चा हुई है, लेकिन आधिकारिक प्रस्ताव अभी तक नहीं मिला है. वैसे भी किसी दूसरे राज्य में टाइगर शिफ्टिंग के लिए एनटीसीए में अपील करना होता है. पहले तेलंगाना सरकार एनटीसीए में अपील करेगी. एनटीसीए जिन राज्यों में बाघों की संख्या पर्याप्त है और किसी दूसरी जगह शिफ्ट किए जा सकते हैं. उनसे चर्चा करेगा और उसके बाद टाइगर शिफ्टिंग पर फैसला किया जाएगा. फिलहाल यह प्रस्ताव एनटीसीए के स्तर पर हो सकता है. एनटीसीए हमें जो निर्देश देगा, उसके अनुसार भविष्य में कार्रवाई की जाएगी.

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