जानिए क्या है करवा चौथ का महत्व

करवा चौथ का व्रत विशेष माना गया है. करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना गया है. इस व्रत को सुहागिनें निर्जला रखकर पूर्ण करती हैं. इस व्रत को दांपत्य जीवन में खुशियां लाने वाला भी बताया गया है. ये व्रत जहां पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है वहीं ये व्रत दांपत्य जीवन में प्रेम, सोहार्द और समर्पण के भाव में भी वृद्धि करता है. ये व्रत दांपत्य जीवन में आने वाली बाधाओं को भी दूर करने में सहायक बताया गया है.
करवा चौथ की पौराणिक कथा :
करवा चौथ की पौराणिक कथा के अनुसार जब देवता और दैत्यों के बीच भयंकर युद्ध आरंभ हुआ तो ब्रह्मा जी ने देवताओं की पत्नियों को करवा चौथ का व्रत रखने के लिए कहा. मान्यता है कि तभी से करवा चौथ का व्रत को रखने की परंपरा शुरू हुई. एक अन्य कथा के मुताबिक शिव जी को प्राप्त करने के लिए पार्वती जी ने भी करवा चौथ का व्रत रखा था. इस व्रत के बाद उनकी मनोकामना पूर्ण हुई थी.
करवा चौथ व्रत कब है :
हिंदू पंचांग के मुताबिक, करवा चौथ व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाएगा. इस साल यानि 2022 में कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की तिथि 13 अक्टूबर 2022 को रात 1 बजकर 59 मिनट पर प्रारंभ होगी और 14 अक्टूबर को प्रात: 3 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी.उदयातिथि के नियमानुसार, करवा चौथ का व्रत 13 अक्टूबर को ही रखा जाना चाहिए. इसके अलावा इस वर्ष चतुर्थी तिथि में चंद्रोदयव्यापिनी मुहूर्त 13 अक्टूबर 2022 को ही बन रहा है. इस लिए भी करवा चौथ का व्रत इसी दिन रखना चाहिए.

Subscribe to my channel



