एक्सरे कक्ष में भीड़ मिली तो सस्पेंड कर दूंगा : डीन डॉ. आरकेएस धाकड़
गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय अधिष्ठाता ने किया हजार बिस्तर अस्पताल का औचक निरीक्षण

ग्वालियर, : ईद अवकाश के चलते गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जयारोग्य अस्पताल समूह में गुरुवार को दो घंटे के लिए ओपीडी संचालित हुई। इसी दौरान महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने हजार बिस्तर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में कई खामियां मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा वेतन काटने और नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। डीन डॉ. धाकड़ ने निरीक्षण की शुरुआत रेडियोलॉजी विभाग से की। यहां डीआर एक्सरे कक्ष में मरीजों की अधिक भीड़ देखकर उन्होंने टेक्नीशियन को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों को अनावश्यक रेडिएशन क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि एक्सरे कक्ष में केवल उसी मरीज को प्रवेश दिया जाए, जिसका एक्सरे होना है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली बार ऐसी स्थिति मिली तो सस्पेंड कर दूंगा।
निरीक्षण के दौरान नई डीआर एक्सरे मशीन पर धूल जमी मिलने पर भी डीन ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर की मशीनों को साफ रखा जाता है, उसी तरह अस्पताल की मशीनों की भी नियमित सफाई होनी चाहिए। अल्ट्रासाउंड कक्ष में भी अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया। डीन ने जब सीनियर कंसलटेंट की जानकारी ली तो पता चला कि मौके पर कोई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं था। इस पर उन्होंने रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। वहीं विभाग में पीने के पानी की व्यवस्था भी ठप मिली। नल में पानी नहीं आने पर डीन ने अधीक्षक से नाराजगी जाहिर की।
इसके बाद डीन मेडिसिन विभाग पहुंचे, जहां भी पीने के पानी की समस्या सामने आई। अधीक्षक द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए जाने की जानकारी देने पर डीन ने संबंधित दोनों कर्मचारियों का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। ऑर्थोपेडिक वार्ड में पीने के पानी की जगह पानी जमा मिला। पूछताछ में सफाईकर्मी ने बताया कि मना करने के बाद भी अटेंडर वहीं नहाते हैं, जिससे पानी भर जाता है। इस पर डीन ने नर्सिंग इंचार्ज को निर्देश दिए कि वार्ड में नहाने वाले अटेंडरों के मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया जाए। मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक वार्ड में गंदगी मिलने पर सफाई सुपरवाइजर का पांच दिन का वेतन काटने तथा रेडियोलॉजी विभाग में भीड़ नियंत्रण में लापरवाही बरतने पर सुरक्षाकर्मी का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए।
*क्या सब कुछ ऑटो मोड पर चल रहा है*
निरीक्षण के दौरान डीन और अधीक्षक जब मेडिसिन आईसीयू पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। इस पर डीन ने सुरक्षाकर्मी को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि कोई गंभीर मरीज आ जाए तो क्या होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आईसीयू के गेट पर कभी ताला न लगाया जाए। इसी दौरान डीन को जानकारी मिली कि एमबीबीएस प्रथम वर्ष की एक छात्रा की तबीयत खराब होने के कारण उसे भर्ती किया गया है। डीन और अधीक्षक छात्रा से मिलने पहुंचे तथा उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने इलाज कर रहे डॉक्टरों से पूछा कि क्या छात्रा की स्थिति की जानकारी डीन कार्यालय को दी गई थी। नकारात्मक जवाब मिलने पर डीन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि क्या मेडिसिन विभाग ऑटो मोड पर चल रहा है। इस दौरान मेडिसिन विभाग के प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह पाल भी मौके पर पहुंचे। डीन ने उन्हें निर्देश दिए कि यदि कोई छात्र या छात्रा भर्ती होती है तो इसकी जानकारी तत्काल डीन कार्यालय को दी जाए।

Subscribe to my channel



