भाजपा के खण्डवा जीतने से चौहान की मुश्किलें

भाजपा के ज्ञानेश्वर पाटिल की जीत के बाद अब बात हो रही है नंदकुमार सिंह चौहान की राजनीतिक विरासत की और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस के राजनीतिक भविष्य की। चौहान के बेटे हर्षवर्धन का टिकट ऐनवक्त पर कटा और इससे उन्हें दुख भी हुआ। यह दुख कई मौकों पर झलका और भाजपा के प्रत्याशी के साथ वे नजर नहीं आए। सीएम, प्रदेशाध्यक्ष व अन्य नेताओं के साथ जरूर मंच साझा किया लेकिन मन में टीस बनी रही। बीच में यह बात सामने आई कि हर्ष चौहान चुनाव में नुकसान कर सकते हैं।
संगठन भी इससे चिंतित था और मान मनौव्वल तक की गई। बाद में हर्ष चौहान ने कहा कि वे भाजपा के साथ हैं। कोई नाराजगी नहीं है। इतना कहने के बावजूद मन से वे साथ नहीं दिखे। भीतरघात की आशंका लगातार बनी रही और शिकायतें भी हुई कि चौहान व समर्थकों ने मेहनत नहीं की। अब जबकि पाटिल सांसद बन गए हैं तो चौहान का राजनीतिक भविष्य फिलहाल उज्जवल नहीं दिख रहा। भाजयुमो की कार्यकारिणी में बतौर सदस्य वे काम कर रहे हैं लेकिन अभी उन्हें लंबा सफर तय करना होगा।

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