दतिया के दंगल में समर्थकों ने फिर दिखा दिया दम, पर क्यों चुप हो गए हैं नरोत्तम
बीजेपी की हार के 21 दिन बाद दतिया पहुंचे नरोत्तम मिश्रा. खचाखच भरे हॉल में यूं हुआ ग्रैंड वेलकम.

भोपाल: कहते हैं जब बाघ हमला करने वाला होता है तो पहले दो कदम पीछे जाता है. इसे मध्य प्रदेश की राजनीति के संदर्भ में देखिए. मैदान दतिया का ले लीजिए. क्या नरोत्तम भी केवल दो कदम पीछे चले गए हैं. तीन अगस्त को दतिया चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी ने 48 घंटे के भीतर एक्शन लिया था. दतिया में भाजपा की पूरी कार्यकारिणी साफ कर दी गई. जो सिर्फ कार्यकारिणी नहीं नरोत्तम समर्थकों की टीम भी थी. अब 19 दिन बाद जितना सन्नाटा दतिया को लेकर बीजेपी में है. उससे बड़ी चुप्पी नरोत्तम मिश्रा थाम ली है. हांलाकि समर्थक उन्हें शेर संबोधित करते रहे.
मध्य प्रदेश में बीजेपी के इस कद्दावर हिदूवादी नेता की खामोशी के पीछे क्या है. वेट एण्ड वॉच की ये राजनीति आगे क्या गुल खिलाने वाली है. नरोत्तम के पहले इसी तरह से सियासी मात से गुजरते ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान ने अपना दम दिखाते हुए कहा था टाइगर अभी जिंदा है.दतिया विधानसबा चुनाव नतीजे आ जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की दतिया आगमन की जो फीड सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में छाई हुई है. वह समर्थकों के दम को दिखाती. शक्तिप्रदर्शन की ये तस्वीर क्या कहती है. बेशक जो कुछ हुआ वो स्वस्फूर्त रहा होगा. जिस तरह से समर्थकों का जमावड़ा लगा और उस भीड़ में देखो-देखो शेर आया जैसे नारे भी सुनाई पड़े. लेकिन अक्सर अपने बेबाक बयानों से सियासत की दिशा बदलने वाले नरोत्तम अपने समर्थकों के इस जोश पर भी होश नहीं खोते दिखाई नहीं दिये.

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