RBI ने बर्मा के लिए छापा था 1 रुपये का खास नोट, यूनिक कलेक्शन में देखिए 17 देशों की करेंसी

छिंदवाड़ा: रिटायर्ड बैंक कर्मचारी, 68 साल के अजय चांद नारायण टंडन को एक जन्मजात बीमारी है. इसकी वजह से लगातार उनकी हड्डियां टूटती गईं. करीब 37 फैक्चर उनके शरीर में हैं, लेकिन उनका एक जुनून कम नहीं हुआ. अजय चांद नारायण टंडन के पास ऐसी करेंसियों का यूनिक कलेक्शन है जिसमें 17 देश की करेंसी के अलावा भारत के ऐसे नोट आपको मिलेंगे जो आपने कहीं न तो देखा होगा और न ही शायद उनके बारे में सुना होगा.
लगातार टूटती हड्डियों के बीच भी नहीं रुका यूनिक करंसी कलेक्शन
जन्मजात बीमारी के कारण शरीर में 37 से ज्यादा फैक्चर हैं, उम्र के साथ इस बीमारी के साइड इफेक्ट गंभीर होते जा रहे हैं. लेकिन, अनोखे नोटों के कलेक्शन के जज्बे ने इन्हें मशहूर कर दिया. बैंक में बतौर कैशियर 37 सालों की सेवाओं के दौरान अजय चांद नारायण टंडन ने अनोखे नोटों का ऐसा खजाना संजोया है जो कि अब एंटीक बन गया है.
मिस प्रिंट वाले नोट, अधूरे छपे नोट, अनोखी सीरीज वाले नोटों का कलेक्शन
हजारों रुपए के इन नोटों की कीमत वर्तमान में लाखों में आंकी जा रही है. आम लोगों के लिए नोट भले ही लेनदेन का माध्यम हैं, रिटायर्ड बैंक कर्मचारी अजय चांद नारायण टंडन के लिए यह इतिहास को सहेजने का जुनून है. साल 1980 में हैदराबाद में केनरा बैंक में बतौर कैशियर पदस्थ हुए अजय चांद नारयण टंडन को एक ग्राहक ने मिस प्रिंट वाल एक नोट वापस किया था. इस नोट को देखकर उन्होंने इसे अपने पर्सनल खजाने में रख लिया. धीरे-धीरे मिस प्रिंट वाले नोट, अधूरे छपे नोट, अनोखी सीरीज वाले नोटों का कलेक्शन बढ़ने लगा. हैदराबाद से लेकर औरंगाबाद तक अनोखे नोट के कलेक्शन के लिए मशहूर हुए टंडन के पास लोग ऐसे नोट मिलने पर खुद ही पहुंचने लगे.

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