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ताजा ख़बरेंशिवपुरी

3 बार की असफलता के बाद भूपेंद्र धाकड़ बने अफसर, पढिए सफलता की कहानी

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा के अंतर्गत आने वाले धंधेरा गांव के रहने वाले भूपेंद्र सिंह धाकड़ ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 494वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया हैं,वहीं अगर हम भूपेन्द्र के फैमिली बैकग्राउंड की बात करें तो वह धंधेरा गांव के रहने वाले हैं और उसके पिता महेश कुमार धाकड़ जो कि पूर्व में गांव के सरपंच रह चुके हैं। वहीं भूपेन्द्र की भी यूपीएससी की कहानी बहुत संघर्ष भरी हैं।

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भूपेन्द्र 3 बार सिविल सेवा परीक्षा दे चुके हैं,लेकिन हर बार वह मात्र इंटरव्यू में पीछे रह जाते थे, लेकिन फिर भी वह परीक्षा की तैयारी करते रहे। और आखिरकार उनकी जीत हुई, चौथे अटेंप्ट में उनका एग्जाम के निकल गया। भूपेंद्र की इस उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो ग्रामीण क्षेत्र के रहने वाले युवा भी देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर सकते हैं।

भूपेन्द्र धाकड़ का कहना हैं कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा कोलारस में हुई, जिसके बाद मैंने शिवपुरी से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। मेधावी छात्र होने के नाते मैंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। वहीं ग्रेजुएशन के बाद मैंने नौकरी करने के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना और साल 2022 से यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

चौथे प्रयास में मिली सफलता

भूपेंद्र ने बताया कि मेरी यह यात्रा आसान नहीं थी। मैंने लगातार तीन बार एग्जाम दिया,लेकिन मुझे सफलता नहीं मिली, मैं तीन बार असफल हुआ। जिसके बाद मेरे मन में ख्याल आता था कि मैं इतना प्रयास कर रहा हूं,लेकिन हर बार मैं इंटरव्यू में फैल हो जाता हूं। लेकिन जिस लक्ष्य के साथ मैंने तैयारी शुरू की थी, उसे याद कर मैं फिर से उठ खड़ा होता था। आखिरकार ईश्वर की कृपा और निरंतर मेहनत से मैं चौथे प्रयास में सफल रहे।

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मुझे खुद पर था भरोसा-मैंने कोई कोचिंग नहीं ली

भूपेंद्र ने बताया कि मैंने किसी भी बड़े कोचिंग संस्थान से फाउंडेशन कोर्स नहीं किया। मैंने अपनी तैयारी स्वयं की और केवल टेस्ट सीरिज व मुख्य परीक्षा के लिए विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लिया। भूपेन्द्र ने साबित किया कि सेल्फ स्टडी और सही रणनीति से यूपीएससी जैसी परीक्षा जीती जा सकती है।

सफलता का श्रेय

भूपेन्द्र ने अपनी उपलब्धि का श्रेय भगवान और अपने परिवार को देते हुए विशेष रूप से अपने बड़े भाई के मार्गदर्शन को याद किया। भूपेन्द्र ने कहा कि जब भी में अपने गांव जाता था, तो वहां के लोग मुझे काफी मोटिवेट करते थे। जिससे मैं निरंतर प्रयास करता रहा और अपनी मेहनत डबल कर दी।

युवाओं का संदेश

क्षेत्र के युवाओं को संदेश देते हुए भूपेंद्र ने कहा, यह यात्रा लंबी हो सकती है, लेकिन प्रयास करते रहिए, एक न एक दिन सफलता जरूर कदम चूमेगी। भूपेंद्र धाकड़ की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर धंधेरा गांव सहित संपूर्ण कोलारस क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है और उन्हें बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Chief Editor JKA

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