योग ने जोड़ा भारत से रिश्ता, महाकाल की नगरी में वैदिक मंत्रों के बीच विदेशी जोड़ों ने लिए सात फेरे
इटली, स्पेन और इंग्लैंड से मध्य प्रदेश के उज्जैन आए कपल ने चुनी भारतीय विवाह परंपरा! हल्दी-मेहंदी, बारात, घोड़ी, ढोल-बॉलीवुड संगीत से लेकर पाणिग्रहण और विदाई तक निभाई भारतीय शादी की परंपराएं.

उज्जैन: सात समंदर पार से उज्जैन आए विदेशी चेहरों के लिए भारत सिर्फ योग और ध्यान सीखने की जगह नहीं रहा. योग ने उन्हें भारत से जोड़ा, भारतीय जीवन दर्शन ने प्रभावित किया. और यही आकर्षण ने उन्हें अपने जीवन के खास संस्कार के लिए महाकाल की नगरी तक खींच लाया. 22 अगस्त की शाम इटली की ईवा-मास्सिमिलियानो, जेसिका-लुका, स्पेन की इनमा और इंग्लैंड के मार्क ने भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार विवाह किया और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए.
उज्जैन के सांवेर-इंदौर रोड स्थित गांव निनोरा के आनंदमय वेलनेस रिट्रीट सेंटर में हुआ यह विवाह समारोह भारतीय परंपरा और आधुनिक उत्सव का अनूठा संगम रहा. विदेशी दूल्हा-दुल्हनों ने भारतीय शादी की रस्मों को करीब से जीया और हर समारोह में उत्साह से हिस्सा लिया. सभी को हिन्दू नाम भी दिए गए सबके पीछे आनदंम जोड़ा गया.
सबको दिए हिन्दू नाम लास्ट में जुड़ा आनंदम
विदेशी जोड़ों को वैवाहिक बंधन में बांधने वाले डॉ. ओमानंद गुरु बताते हैं “योग दर्शन में मनुष्य के अस्तित्व को समझाते हुए आनंदमय कोष की अवधारणा आती है. सनातन दर्शन में मनुष्य के वास्तविक स्वरूप को सच्चिदानंद से भी जोड़ा जाता है. इसी भाव के साथ विदेशी जोड़ो के नामों में ‘आनंद’ जोड़ा गया है यानी जीवन में बाहरी उपलब्धियों से आगे बढ़कर भीतर के आनंद की तलाश.”

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