PLACE-YOUR-ADVERT-HERE
add-banner
IMG-20260207-WA0004
IMG_20220718_112253
IMG-20250516-WA0020
IMG-20250516-WA0017
ताजा ख़बरेंमध्य प्रदेश

50 दिन में बदली पोस्टिंग, एक साल में चौथा तबादला, IAS नेहा मारव्या ने उठाया सवाल

भोपाल: मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या एक बार फिर अपने तबादले को लेकर चर्चा में हैं. दरअसल, राज्य सरकार की ओर से शनिवार को जारी 11 आईएएस अधिकारियों की तबादला सूची में उन्हें आदिमजाति क्षेत्रीय विकास योजना के संचालक पद से हटा दिया गया है. खास बात यह है कि इस पद पर उनकी पदस्थापना को करीब 50 दिन ही हुए थे. ऐसे में तबादले के बाद नेहा मारव्या ने आईएएस एसोसिएशन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में अपना पक्ष रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था और अपने कार्यकाल के अनुभवों को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के व्यवहार का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि किसी अधिकारी के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले कर्मचारी ही उसके तबादले की स्थिति पैदा करने लगें तो व्यवस्था कैसे चलेगी?

No Slide Found In Slider.

50 दिन में बदली पोस्टिंग, एक साल में चौथा तबादला

नेहा मारव्या ने अपने संदेश में कहा कि “नई पोस्टिंग संभालने के करीब 50 दिन बाद ही उनका तबादला कर दिया गया.” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले एक साल में यह चौथी बार है, जब उनका तबादला हुआ है. इसी संदर्भ में उन्होंने आईएएस एसोसिएशन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन की गतिविधियां केवल जन्मदिन और बधाई संदेशों तक सीमित नहीं होनी चाहिए.

4

बता दें कि आदिवासी क्षेत्रों में पोषण से जुड़ी योजना की जिम्मेदारी संभालने के बाद नेहा मारव्या ने सहायता राशि जारी करने से पहले दावों के सत्यापन पर जोर दिया था. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर सहायता वितरण में देरी हुई. इसी मुद्दे पर विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा की ओर से उनसे जवाब मांगे जाने की बात सामने आई. इस दौरान दोनों अधिकारियों के बीच मतभेद होने की चर्चा भी हुई. हालांकि पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी व्याख्या है.

PicsArt_10-26-02.06.05

 

अधीनस्थ कर्मचारियों के व्यवहार पर जताई नाराजगी

अपने संदेश में नेहा ने कुछ अधीनस्थ कर्मचारियों के व्यवहार का उल्लेख किया है. उनके अनुसार उनके प्रशासनिक नियंत्रण से जुड़े कर्मचारियों की ओर से बिना अनुमति छुट्टी पर जाने, फाइलों के लंबित रहने और तबादले को लेकर कथित तौर पर दबाव बनाने जैसी परिस्थितियां सामने आईं. उन्होंने इसे अपने प्रशासनिक अनुभव का हिस्सा बताते हुए संगठन के मंच पर अपनी चिंता जाहिर की.

Chief Editor JKA

FB_IMG_1657898474749
IMG-20250308-WA0007

Related Articles

Back to top button