केआरएच में पीडियाट्रिक लेक्चर थिएटर शुरू, डीन बोले—बिस्तर मिले या नहीं, इलाज जरूर मिलेगा!

कार्यक्रम के दौरान डीन डॉ. धाकड़ ने मरीजों के प्रति संवेदनशीलता और बेहतर व्यवहार को चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को उचित उपचार मिलना चाहिए। बिस्तर उपलब्ध हो या नहीं, मरीज को इलाज से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने चिकित्सा विद्यार्थियों को मरीजों और उनके परिजनों के साथ मानवीय व्यवहार करने की सीख देने पर जोर दिया। साथ ही, सभी विभागों के पीजी छात्रों के लिए बाल रोग विभाग में एक महीने की ट्रेनिंग अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखने की बात कही, ताकि चिकित्सक बच्चों के उपचार और उनकी विशेष देखभाल को बेहतर ढंग से समझ सकें।
चिकित्सा शिक्षा के साथ मानवीय संवेदनशीलता पर जोर
पीडियाट्रिक लेक्चर थिएटर शुरू होने से बाल रोग विभाग में शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य चिकित्सा विद्यार्थियों के ज्ञान, प्रशिक्षण और मरीजों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को मजबूत करना है।
डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ के संदेश के अनुसार, चिकित्सा सेवा का मूल उद्देश्य केवल बीमारी का उपचार करना नहीं, बल्कि हर मरीज को सम्मान, संवेदना और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी है।

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