रबी फसलों के लिये 4 नवम्बर से नहरों में पानी छोड़ा जायेगा
जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में हुआ निर्णय

चंबल नहर प्रणाली के अन्तर्गत मुरैना जिले में स्थित चार संभागों के कार्यक्षेत्रों की नहरों द्वारा रबी फसलों के लिये 4 नवम्बर 2021 से पानी छोड़ा जायेगा। यह निर्णय शुक्रवार को आयोजित हुई जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया।
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बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रोशन कुमार सिंह ने की। बैठक में समिति के सदस्य, विधायक प्रतिनिधि मुरैना श्री जितेन्द्र घुरैया, श्रीमती बिट्टी बाई, श्री गजेन्द्र सिंह गुर्जर सहित मुरैना, सबलगढ़, जौरा और अम्बाह सिंचाई संभाग के कार्यपालन यंत्री, चारों संभागों के एसडीओ सिंचाई एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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बैठक में निर्णय लिया गया कि 4 नवम्बर से निचली मुख्य नहर से पानी दिया जायेगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि पलैवा के साथ-साथ नहरों से दो पानी देने की व्यवस्था रहेगी। तीसरा पानी किसानों की मांग एवं पानी की उपलब्धता पर दिया जायेगा।
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बैठक में कार्यपालन यंत्री मुरैना श्री एचएम शर्मा ने बताया कि रबी सीजन के दौरान जिले में इस वर्ष 1 लाख 94 हजार 616 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जायेगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27 हजार 4 हेक्टेयर अधिक है। पिछले वर्ष 1 लाख 67 हजार 612 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की गई थी। इस वर्ष वृहद सिंचाई परियोजनाओं से 1 लाख 83 हजार 23 हेक्टेयर क्षेत्र में और लघु सिंचाई परियोजनाओं से 11 हजार 593 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है।
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बैठक में कार्यपालन यंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सिंचाई मरम्मत का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सभी नहरें चालू हालत में है। ठेकेदारों द्वारा 2 वर्ष के लिये सिंचाई मरम्मत की गारंटी ली गई है, अगर बीच में सिंचाई नहर में मरम्मत की आवश्यकता पड़ती है तो ठेकेदार द्वारा मरम्मत कार्य अपने व्यय पर कराया जायेगा।
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